जोधपुर

भूकम्प नहीं सोनिक बूम के धमाकों से धूजे कई क्षेत्र

- 20 हजार फीट की ऊंचाई पर 1300 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ा लड़ाकू विमान, इससे सोनिक बूम की आवाज से धूजी धरती
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Mar 23, 2019
noisly dhamake of Sonic Boom as like earthquakes shocked
भूकम्प नहीं सोनिक बूम के धमाकों से धूजे कई क्षेत्र

जोधपुर.
वायु सेना स्टेशन से लड़ाकू विमान के उडऩे के बाद वह बालेसर की ओर रफ्तार से गया, जहां आगोलाई के आसपास उसने साउंड बैरियर को तोड़ा यानी लड़ाकू विमान की स्पीड 1 मैक हो गई। लड़ाकू विमान की ऊंचाई करीब 20000 फीट थी साउंड बैरियर तोडऩे से जोधपुर और बालेश्वर के बीच समस्त गांव और कस्बों में सोनिक बूम की ध्वनि सुनाई दी जिससे हल्की कंपन महसूस हुए। कम्पन का असर पाली तक दिखाई दिया।
गौरतलब है कि लड़ाकू विमान की स्पीड की जांच के लिए कई बार पायलट शहरी इलाके से दूर जाकर उसे ध्वनि की रफ्तार से अधिक उड़ाता है तब साउंड बैरियर टूटने से धमाके की आवाज आती है। सोनिक रफ्तार के समय कोई भी लड़ाकू विमान 20 से 30000 फीट की ऊंचाई पर होता है अगर वह लो लेवल फ्लाइंग करता हुआ हो तो इससे कान के परदे तक फट सकते हैं।
कहां काम आती है सॉनिक स्पीड-
दुश्मन के इलाके में बम और मिसाइल गिराने के बाद लड़ाकू विमान वापस अपने बेस पर आने के लिए सोनिक रफ्तार का इस्तेमाल करते हैं। क्योंकि उस समय लड़ाकू विमान पेलोड गिराने के बाद हल्का भी हो चुका होता है। भारतीय वायु सेना के सभी विमान सोनिक की रफ्तार हासिल कर सकते हैं।

Published on:
23 Mar 2019 09:59 pm