
भावी. जयपुर हाइवे के पीपाड़ फांटा पर तालाब के किनारे गौशाला बनाने और नहीं बनाने देने को लेकर चल रही जद्दोजहद ने बुधवार को नया मोड़ ले लिया है। जिला प्रशासन ने सार्वजनिक स्थानों पर जगह-जगह नोटिस चस्पा कर गौशाला के लिए आवंंटित जमीन निरस्त करने की कार्यवाही शुरू कर दी है। अपील की अवधि बीत जाने 16 दिन बाद नोटिस देने को लेकर गौशाला समर्थक ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीण इसके खिलाफ गुरुवार को उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपेंगे। इन्होंने चेतावनी दी है कि गौशाला के लिए आबंटित जमीन यदि निरस्त की गई तो वे आंदोलन छेड़ देंगे और भूख हड़ताल करेंगे।
13 साल पहले आबंटित हुई-
निर्वाण बाबा वासुदेव मुनि, गौ सेवा समिति भावी को गौशाला के लिए 2.65 हैक्टेयर जमीन 21 जून 2005 को आवंंटित की गई थी। वासुदेव मुनि ने भावी गांव के वर्तमान सरपंच पूनाराम चौधरी पर गौशाला स्थापित करने में रोडे अटकाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब-जब भी गौशाला स्थापित करने के प्रयास किए गए और कार्यकारिणी बनाई गई तब-तब उनके खेमे के लोगों ने कार्यकारिणी के लोगों को डराया-धमकाया और काम को आगे बढने ही नहीं दिया। अब सुनवाई का मौका दिए बगैर एक तरफा कार्यवाही करवाकर आबंटित जमीन निरस्त की जा रही है। दूसरी और सरपंच पूनाराम का कहना है कि गौशाला निर्माण से तालाब में पानी की आवक बंद हो जाएगी। वे इस गौशाला को नहीं बनने देंगे। इस आशय की शिकायत मैंने स्वयं के हस्ताक्षर कर उच्चाधिकारियों से की थी।
अब किसे करें अपील-निर्वाण बाबा वासुदेव मुनि, गौ सेवा समिति भावी के नाम जारी व बुधवार का दिए और चस्पा किए गए नोटिस में लिखा गया है कि आपने आवंटन की शर्तो का पालन नहीं किया इस कारण आपको गौशाला के लिए आवंटित 2.65 हैक्टेयर जमीन का आवंटन निरस्त करने की कार्यवाही की जा रही है। हालांकि इसमें उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी करने की तारीख से दस दिन के भीतर अपना पक्ष रखने का मौका भी देने की बात कही गई है, मगर समस्या यह है कि नोटिस में जारी करने की तारीख आठ जून 2018 लिखी हुई है जिसे गुजरे एक महीना बीतने जा रहा है। दस दिन तो कभी बीत गए। आवंटी उलझन में है कि नोटिस जारी करने वाले अतिरिक्त जिला कलक्टर महिपालकुमार के सामने पक्ष रखने की समयावधि तो बीत गई अब वह किसे अपील करें? निसं