
जोधपुर. इण्टैक जोधपुर चैप्टर के नेतृत्व में जोधपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में दो गांवों के पुराने तालाबों को गोद लिया जाकर वहां पर जीर्णोंद्धार का कार्य शुरू किया गया है। इससे न केवल वन्यजीवों को जल प्रचूर मात्रा में उपलब्ध होगा बल्कि कोरोना महामारी में क्षेत्र के लोगों को रोजगार भी प्राप्त होगा। इण्टैक जोधपुर के संयोजक डॉ. महेन्द्रसिंह तंवर ने बताया कि इण्टैक जोधपुर चैप्टर व दिल्ली के ब्रिज फाउण्डेशन के आर्थिक सहयोग से जोधपुर से करीब 50 किमी दूर जैसलमेर रोड पर दुगर-डुडी नगर में बनड़ा तालाब का जीर्णोद्धार मनु भटनागर के निर्देशन में 11 मई को शुरू किया गया है। रोजाना आते है एक हजार से अधिक हरिण तालाब पर प्रतिदिन एक हजार से अधिक हरिण (चिंकारा) आदि अन्य वन्यजीव और मवेशी पानी पीने आते हैं। पूर्व में तालाब का पानी जनवरी तक सूख जाता था। जीर्णोद्धार के बाद तालाब में पानी भराव की क्षमता कई गुणा बढ़ेगी और 12 महीने तक इसमें पानी रह सकेगा। पानी के रिसाव को रोकने के हिसाब से दो से तीन फीट चौड़ी 230 फीट लम्बी दीवार निर्मित की जा रही है। तालाब के आसपास बबूल की झाडिय़ां कटवाई गई है जहां पर नए वृक्ष लगाए जाएंगे। इंटेक जोधपुर चेप्टर संरक्षक पूर्व सांसद गजसिंह के निर्देशन में ग्रामवासियों के सहयोग से हो रहे तालाब जीर्णोद्धार कार्य में दुर्गाराम चौधरी, मनोहरसिंह इन्दा, इण्टैक बाड़मेर चैप्टर के संयोजक यशोवद्र्धन शर्मा, समर्थ शर्मा, सरपंच ग्राम पंचायत दुगर आदि का भी सहयोग मिल रहा है। इससे पूर्व इण्टैक नई दिल्ली व इण्टैक जोधपुर चैप्टर की ओर से लुणावपुरा में ओमदरिया तालाब बनवाया गया तथा वहां पर ओरण भी विकसित किया गया जिसके तहत तीन सौ पेड़ लगाए गए है जिनकी देखभाल भी निरन्तर इण्टैक जोधपुर चैप्टर की ओर से की जा रही है।