
जोधपुर. कला प्रेमियों के लिए यह खबर अच्छी और बुरी दोनों प्रभाव रखती है। शहर में आर्ट एंड कल्चर को बढ़ावा देने के लिए पहली बार टैगोर कल्चरल कॉम्प्लेक्स प्रोजेक्ट लांच किया जा रहा है। जोधपुर विकास प्राधिकरण ने इसके लिए खाका तैयार करना शुरू कर दिया है। लेकिन इसका दूसरा पक्ष यह है कि पहले नागौर रोड पर बड़े स्वरूप में बनने वाला यह कला कॉम्प्लेक्स अब शहर के मध्य ही छोटे स्वरूप में बनेगा। भारत सरकार के कला मंत्रालय की टैगोर कल्चरल कॉम्प्लेक्स योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए जेडीए को चुना गया है। केन्द्र व राज्य सरकार के साथ मिलकर जेडीए इसका काम पूरा करेगा। केन्द्र सरकार के इस प्रोजेक्ट में जितनी राशि राज्य सरकार व जेडीए मिलकर लगाएगी उतनी ही राशि केन्द्र सरकार देगी। पहले इस प्रोजेक्ट को नागौर रोड पर बड़ी जमीन लेकर पूरा करने की योजना बनी। लेकिन अब शहर में दो-तीन स्थानों को चिह्नित किया गया है। इनमें पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर के समीप स्थान प्रमुख है। फिलहाल डीपीआर बनाने के लिए काम शुरू हो रहा है।
यह है कल्चरल कॉम्प्लेक्स की खासियत
ऑडिटोरियम:- यह 15 सौ की क्षमता का ऑडिटोरियम पश्चिमी राजस्थान का सबसे बड़ा होगा। वर्तमान में जोधपुर में एक हजार से अधिक क्षमता का ऑडिटोरियम नहीं है।
आर्ट गैलेरी:- इसमें कला के अलग-अलग क्षेत्रों के कार्यों को प्रदर्शित किया जा सकेगा। अब तक इस स्तर की सरकारी आर्ट गैलेरी भी नहीं है।
सेमिनार हॉल:- कला क्षेत्र की बैठकों व सेमिनार के लिए इस कॉम्प्लेक्स में सेमिनार हॉल का निर्माण भी किया जाएगा।
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फैक्ट फाइल
- 30 करोड़ का टैगोर कल्चरल कॉम्प्लेक्स प्रोजेक्ट
- 3 बड़े सेक्टर में तैयार होगा कॉम्पलेक्स
- 50 प्रतिशत राशि केन्द्र सरकार देगी
- 50 प्रतिशत राशि राज्य सरकार व जेडीए की ओर से शामिल की जाएगी
- 15 सौ की क्षमता का ऑडिटोरियम है प्रस्तावित
- 12 लाख में तैयार होगी डीपीआर
इनका कहना है...
कल्चरल कॉम्प्लेक्स की डीपीआर बनाने का काम अब शुरू होगा। अभी स्थान चयन नहीं किया है। लेकिन शहरी जनता में पहुंच में हो ऐसा प्रयास किया जा रहा है।
- संदीप माथुर, अधिशासी अभियंता, जेडीए जोधपुर।