जोधपुर

अब तो पार्र्किंग की दरें भी सस्ती कर दी, फिर सडक़ पर क्यों दिख रहे हैं वाहन

सडक़ पर नो पार्किंग में वाहन तो हटाने की जिम्मेदारी यातायात पुलिस की, लेकिन नॉन वेडिंग जोन में खड़े हाथ ठेले तो निगम हटवाए
2 min read
Feb 16, 2019
Now, even the parking rates are cheaper, then why are the vehicles sho
अब तो पार्र्किंग की दरें भी सस्ती कर दी, फिर सडक़ पर क्यों दिख रहे हैं वाहन

जोधपुर. जोधपुर शहर की पहली आलीशान सरदारपुरा गांधी मैदान की भूमिगत पार्किंग सेवा शुरू हुए चार माह से अधिक का समय बीत चुका हंै, लेकिन सरदारपुरा के हालात अभी तक नहीं बदले हंै। ज्यादातर ग्राहक व व्यापारी नो पार्र्किंग क्षेत्र यानी के सरदारपुरा की सडक़ पर ही अपने वाहन पार्क कर रहे हंै। नॉन वेडिंग जोन क्षेत्र में हाथठेले तक खड़े हंै। ऐसे में तरफ जहां ट्रैफिक पुलिस सडक़ पर बेतरतीब खड़े वाहनों को हटाने में कोताही दिखा रही है तो दूसरी तरफ हाथठेले हटाने में नगर निगम महकमा हाथ पीछे करके बैठा हैं। इन हालातों में 22 करोड़ रुपयों की लागत से बनी भूमिगत पार्र्किंग का उपयोग नहीं हो रहा है।

अंडरग्राउंड पार्र्किंग में 25 वाहन, दूसरे तल में एक भी नहीं

राजस्थान पत्रिका टीम ने शनिवार को सरदारपुरा गांधी मैदान पार्र्किंग का जायजा लिया तो भू-तल के प्रथम तल पर 25 टू व फोर व्हीलर वाहन नजर आए। द्वितीय तल में एक भी वाहन नजर नहीं आया। कर्मचारी ने बताया कि दरें सस्ती होने के बावजूद कोई यहां वाहन पार्क करने नहीं आ रहा है। दूसरी तरफ सडक़ पर यातायात जाम होने जैसी स्थिति बनी हुई है। दूसरी तरफ पार्र्किंग का खर्चा उठाना भी नगर निगम के लिए भारी पड़ रहा है।

कोई बड़ी घटना हो जाए तो खड़े वाहनों को हटाना भी चुनौती

कॉमर्शियल दृष्टि से विकसित हो रखे सरदारपुरा इलाके में सुबह से देर शाम तक चहल-पहल रहना आम है। दोपहर के बाद तो सरदारपुरा बी रोड व सी रोड पर बड़ी संख्या में फोर व्हीलर व टू व्हीलर नो पार्किंग में खड़े हो जाते हैं। जिन्हें हटाने की जेहमत ट्रेफिक पुलिस नहीं उठाती है। बड़ी बात ये है कि कोई आगजनी जैसी घटना के दौरान सडक़ पर खड़े इतने वाहनों को हटाने में पुलिस प्रशासन को भी जोर पड़ सकता है।

फिर जान लीजिए आपके शहर की पहली मल्टी स्टोरी पार्र्किंग की खासियत

पार्र्किंग का एरिया- 10 हजार 561 स्कवायर मीटर

लागत - 21 करोड़ 57 लाख रुपए
टू व्हीलर रखने की क्षमता- 5 सौ

फोर व्हीलर रखने की क्षमता- 2 सौ 63
अब निगम ने दरें कर दी बिलकुल आधी

अब चार पहिया वाहन को 4 घंटे की पार्किंग के लिए 15 रुपए, 24 घंटे की पार्किंग के लिए 50 रुपए, 12 घंटे के लिए मासिक पास में 750 रुपए और 24 घंटे के लिए मासिक पास पर 1250 रुपए प्रतिमाह देना होगा। वही दुपहिया वाहन चालकों को 4 घंटे के लिए 5 रुपए, 24 घंटे के लिए 15 रुपए, 24 घंटे ,मासिक पास, के लिए 300 रुपए मासिक शुल्क देना होगा। वाहन चालको की ओर से 6 माह की राशि एक मुश्त जमा करने पर 5 और 12 माह का शुल्क एकमुश्त जमा करने पर 10 प्रतिशत की छूट।

आधी दरें कर दी

हमने आधी दरें कर दी हैं। अब कार्रवाई करने की जरूरत है। हाथ ठेलों के लिए भी नॉन वेडिंग जोन है। मैं खुद भी आज जाकर आया था। वाहन अभी भी कम आ रहे हैं।

- घनश्याम ओझा, महापौर

आज ही एक राउंड कराती हूं

आज ही मैं एक राउंड करवाती हूं। हमारे राउंड के दौरान गलियों में वाहन छोड़ लोग निकल जाते हैं। लोगों की मानसिकता बदलेगी, तभी पूर्ण रूप से बदलाव आएगा। आधी दर कर देने के बावजूद पार्र्किंग में लोग वाहन नहीं रख रहे हैं।

- निर्मला विश्नोई, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (यातायात पुलिस)

Published on:
16 Feb 2019 09:06 pm