
जोधपुर. एमबीएम विश्वविद्यालय में राज्य सरकार ने शिक्षक भर्ती के लिए मंजूरी दे दी है। इसके अंतर्गत 51 पद भरे जाएंगे, जिसमें असिस्टेंट प्रोफेसर के 24, एसोसिएट प्रोफेसर के 17 और प्रोफेसर के 10 पद शामिल है। इन पदों को भरने के बाद भी विश्वविद्यालय में शिक्षकों के 74 पद खाली रहेंगे।
जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय से अलग होकर सितंबर 2021 में एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज एमबीएम विश्वविद्यालय में क्रमोन्नत हुआ था। विश्वविद्यालय में कुल शिक्षकों के 181 पद स्वीकृत है, जिसमें से अब तक 125 पद खाली है। इसके चलते कई विभाग इक्का-दुक्का शिक्षकों के सहारे ही चल रहे थे। राज्य सरकार ने कार्मिक विभाग, विश्वविद्यालय के भर्ती नियम और यूजीसी नियमों की पालना में भर्ती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। शैक्षणिक स्तर बनाए रखने के लिए आवश्यक होने पर इसके बाद गेस्ट फैकल्टी रखने का भी प्रावधान किया है।
एआईसीटीई में परेशानी कम होगी
विश्वविद्यालय में शिक्षकों की भर्ती होने से एआईसीटीई में मान्यता के लिए हर साल होने वाली परेशानी से निजात मिलेगी। एआईसीटीई शिक्षकों की कमी के चलते कई बार तत्कालीन एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज को चेतावनी दे चुकी है।
गौरतलब है कि एमबीएम विवि की स्थापना सितम्बर 2021 में की गई थी। इससे पहले यह जयनारायण व्यास विवि के अंतर्गत एक इंजीनियरिंग संकाय था। एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना 1951 में हुई थी। यह देश के सबसे पुराने इंजीनियरिंग कॉलेजों में से एक है। रिफाइनरी को देखते हुए दो साल पहले यहां पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में भी बीटैक शुरू की गई है। आने वाले दिनों में यहां से निकलने वाले विद्यार्थियों का रिफाइनरी में भी प्लेसमेंट होने की उम्मीद है।