जोधपुर

अब कोरोना काल में कुपोषण बढऩे का खतरा, चार माह में एक दर्जन से अधिक कुपोषित बच्चे आए सामने

यूनिसेफ ने जताई चिंता और कुपोषित बच्चे ढूंढऩे की अपील
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Aug 10, 2020
अब कोरोना काल में कुपोषण बढऩे का खतरा, चार माह में एक दर्जन से अधिक कुपोषित बच्चे आए सामने
अब कोरोना काल में कुपोषण बढऩे का खतरा, चार माह में एक दर्जन से अधिक कुपोषित बच्चे आए सामने

जोधपुर. लॉकडाउन व कोरोनाकाल में सरकार के समक्ष एक और चुनौती आकर खड़ी हो गई है। इस दौर में कुपोषण बढऩे का खतरा बढ़ गया है। यूनिसेफ का कहना है कि इस दौर में कुपोषित बच्चों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। सरकारों को ज्यादा से ज्यादा कुपोषित बच्चे सामने लाने होंगे। जोधपुर के उम्मेद अस्पताल में लॉकडाउन के दौरान और बाद में करीब एक दर्जन कुपोषित बच्चे सामने आए हैं।

जोधपुर, पाली व बाड़मेर के बच्चों ने लिया इलाज
जोधपुर के उम्मेद अस्पताल की बात करें तो यहां गत चार माह में अब तक एक दर्जन से अधिक कुपोषित बच्चे सामने आए हैं। मई-जून माह तक के रिकॉर्ड अनुसार ५ बच्चे जोधपुर जिले से, ४ बच्चे बाड़मेर व १ बच्चा पाली जिले से कुपोषित सामने आया हैं।

इनका कहना
यूनिसेफ का मानना है कि लॉकडाउन व कोरोनाकाल में कुपोषण बढ़ा है। एेसे बच्चों को ढूंढऩे की आवश्यकता जताई है। हालांकि भोजन की अनुपलब्धता का एक कारण कुपोषण हो सकता है, लेकिन बड़ा कारण ये हैं कि बच्चों को क्या और कैसे खिलाना है, ये जानना जरूरी है। वैसे भोजन तो सरकार की ओर से उपलब्ध हो रहा है।
- डॉ. अनुरागसिंह, विभागाध्यक्ष, शिशु रोग विभाग, डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज

Updated on:
10 Aug 2020 12:11 pm
Published on:
10 Aug 2020 12:11 pm