जोधपुर

Rajasthan: मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के पैरों में गिरकर रोने लगी नर्स, बोली- ‘बहुत परेशान हूं, प्लीज ट्रांसफर करवा दीजिए’

जोधपुर में चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के दौरे के दौरान भावुक कर देने वाला दृश्य सामने आया। ट्रांसफर की मांग लेकर पहुंची एक स्टाफ नर्स मंत्री के पैरों में गिरकर रोने लगी और बार-बार खुद को परेशान बताते हुए ट्रांसफर की गुहार लगाती रही। इस दौरान केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने उसे समझाकर शांत कराया।
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Jun 20, 2026
Jodhpur Nurse
Jodhpur: मंत्री के पैरों में गिरकर गुहार लगाती नर्स (फोटो-@Gs_Gurjar)

जोधपुर। जिले के दौरे पर पहुंचे चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के सामने उस समय भावुक दृश्य देखने को मिला, जब महात्मा गांधी अस्पताल में कार्यरत एक स्टाफ नर्स ट्रांसफर की मांग को लेकर उनके पैरों में गिरकर फूट-फूटकर रोने लगी। नर्स बार-बार खुद को परेशान बताते हुए स्थानांतरण कराने की गुहार लगाती रही। इस दौरान केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी उसे समझाने का प्रयास किया।

शनिवार को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर जोधपुर के दौरे पर थे। महात्मा गांधी अस्पताल में आयोजित एक लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान वहां कार्यरत स्टाफ नर्स सुनीता चौधरी मंत्री के पास पहुंची और भावुक होकर उनके चरणों में बैठ गई। वह लगातार कहती रही कि वह काफी परेशान है और उसका ट्रांसफर करवा दिया जाए।

मंत्री ने ट्रांसफर का दिया आश्वासन

मंत्री खींवसर ने उसे आश्वासन दिया कि उसकी समस्या पर विचार किया जाएगा और स्थानांतरण कराने का प्रयास किया जाएगा, लेकिन इसके बावजूद नर्स की आंखों से आंसू नहीं थमे। मौके पर मौजूद केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी उसे ढांढस बंधाते हुए शांत कराया। बताया जा रहा है कि सुनीता चौधरी वर्ष 2020 से महात्मा गांधी अस्पताल में कार्यरत हैं।

नर्सिंगकर्मियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की

इससे पहले एस.एन. मेडिकल कॉलेज परिसर में नर्सिंगकर्मियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बन गई। संविदा नर्सिंगकर्मी अपनी सेवाएं समाप्त किए जाने के विरोध में मंत्रियों को ज्ञापन सौंपना चाहते थे, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के चलते उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया गया। प्रदर्शन में शामिल नर्सिंगकर्मियों का कहना था कि पहले प्रशासन की ओर से मंत्रियों से मुलाकात कराने का भरोसा दिया गया था, लेकिन बाद में उन्हें मिलने की अनुमति नहीं मिली। उल्लेखनीय है कि मार्च में करीब 600 संविदा नर्सिंगकर्मियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं।

डेंटल कॉलेज की नई इमारत का उद्घाटन

इस दौरान गवर्नमेंट डेंटल कॉलेज की नई इमारत का उद्घाटन भी किया गया। समारोह में चिकित्सा मंत्री खींवसर ने सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली का बचाव करते हुए कहा कि गंभीर और आपातकालीन मरीज सबसे अधिक सरकारी अस्पतालों में आते हैं। ऐसे मामलों में जोखिम स्वाभाविक रूप से अधिक होता है।

बीकानेर मामले पर बोले मंत्री

उन्होंने कोटा और बीकानेर में प्रसूताओं की मौत के मामलों पर कहा कि राज्य सरकार अस्पतालों में सभी आवश्यक सुविधाएं और मुफ्त इलाज उपलब्ध करा रही है। कभी-कभी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं हो जाती हैं, लेकिन उन्हें पूरी व्यवस्था की विफलता नहीं माना जा सकता। उन्होंने बताया कि अस्पतालों में निगरानी व्यवस्था और मानक संचालन प्रक्रियाओं को और मजबूत किया गया है।

Updated on:
20 Jun 2026 09:57 pm
Published on:
20 Jun 2026 09:39 pm