24 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

राजस्थान में तबादलों से हटा बैन, फिर भी थर्ड ग्रेड टीचर्स को नहीं मिली राहत, गुस्साए शिक्षकों ने दी आंदोलन की चेतावनी

Rajasthan Transfer News: राज्य सरकार की ओर से तबादलों पर लगी रोक हटाने के बावजूद तृतीय श्रेणी शिक्षकों और प्रबोधकों को इससे बाहर रखने पर शिक्षकों में नाराजगी बढ़ गई है। शिक्षक संगठनों ने जल्द स्थानांतरण शुरू नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जोधपुर

•

image

Rakesh Mishra

•

Updated: 19 Jun 2026, 5:38 PM IST

Chhattisgarh Teachers Association

प्रतीकात्मक तस्वीर

Rajasthan Transfer Order: फलोदी। तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले नहीं होने पर एक बार फिर शिक्षकों में रोष व्याप्त हो गया है। शिक्षा विभाग में अन्य श्रेणी के शिक्षकों एवं कर्मचारियों के स्थानांतरण खोले जाने के बावजूद तृतीय श्रेणी शिक्षकों और प्रबोधकों के तबादले शुरू नहीं किए जाने से शिक्षकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। राजस्थान पंचायतीराज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ ने राज्य सरकार से थर्ड ग्रेड शिक्षकों के स्थानांतरण तत्काल खोलने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि मांग पूरी नहीं होने पर संगठन आंदोलनात्मक रुख अपनाने को मजबूर होगा।

यह वीडियो भी देखें

संघ के पूर्व ब्लाॅक अध्यक्ष रेवत लीलावत ने बताया कि तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर वर्षों से केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं। सरकार की ओर से तबादला नीति बनाने और लागू करने की बात बार-बार कही गई, समितियां भी गठित की गईं, लेकिन आज तक कोई स्पष्ट नीति लागू नहीं हो सकी। इसके कारण बड़ी संख्या में शिक्षक लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत हैं और पारिवारिक तथा सामाजिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं।

12 साल में महज दो बार तबादले

गौरतलब है कि पिछले करीब 12 साल में तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले महज दो बार ही हो पाए हैं, जबकि विभिन्न सरकारों ने समय-समय पर शिक्षा विभाग के अन्य संवर्गों सहित अन्य विभागों के कर्मचारियों के स्थानांतरण खोले हैं। हाल ही में भी शिक्षा विभाग में प्रधानाचार्य, व्याख्याता, वरिष्ठ अध्यापक सहित अन्य कार्मिकों के तबादले बड़ी संख्या में किए गए, लेकिन सबसे बड़े शिक्षक संवर्ग तृतीय श्रेणी शिक्षकों को इससे बाहर रखा गया। ऐसे में आरोप लगाए जा रहे है कि सरकार थर्ड ग्रेड शिक्षकों के साथ लगातार सौतेला व्यवहार कर रही है।

शिक्षकों की सरकार से मांग

उन्होंने कहा कि राजस्थान में हजारों शिक्षक कई साल से अपने गृह जिले अथवा पारिवारिक परिस्थितियों के अनुरूप स्थानांतरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। इससे शिक्षकों में निराशा और असंतोष का माहौल है। संघ ने सरकार से मांग की है कि टीएसपी क्षेत्र, डार्क जोन सहित सभी श्रेणियों के तृतीय श्रेणी शिक्षकों एवं प्रबोधकों के स्थानांतरण तत्काल प्रभाव से खोले जाएं तथा पारदर्शी एवं व्यवहारिक स्थानांतरण नीति लागू की जाए। संगठन का कहना है कि यदि शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में शिक्षक आंदोलन का रास्ता अपनाने पर विवश होंगे।

गौरतलब है कि राजस्थान सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए राहत की खबर दी है। सरकार ने तबादलों पर लगा प्रतिबंध हटा दिया है। प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग ने आदेश जारी कर 19 जून से ट्रांसफर-पोस्टिंग की अनुमति दे दी है। यह छूट अगले एक पखवाड़े यानी 5 जुलाई 2026 तक लागू रहेगी। वहीं शिक्षा विभाग के तृतीय श्रेणी अध्यापकों को भी इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया है।