
जोधपुर।
यदि किसी का चैक चोरी हो जाए व अन्य व्यक्ति उस चैक से फ र्जी हस्ताक्षर कर अपने बैंक खाते में राशि हस्तान्तरण करवा ले तो यह राशि वापस प्राप्त करना बहुत ही मुश्किल है, परन्तु जोधपुर निवासी 87 वर्षीय प्रो शिवरतन भूतड़ा ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के माध्यम से न्याय प्राप्त किया व अपनी राशि वापस प्राप्त की। प्रो भूतड़ा का ओलंपिक रोड स्थित इंड्सइंड बैंक रिटेल फोरेक्स बैंक में बचत खाता है। लंदन में रह रही अपनी पुत्री को 10 लाख रुपए भेजने के लिए 24 अक्टूबर 2019 को बैंक गए भूतड़ा व इनकी पत्नी गीतादेवी भूतड़ा की चैकबुक से दो चैक चुराकर किसी ने फ र्जी हस्ताक्षर कर 3.50 लाख रुपए निकलवाकर अपने खाते में जमा करवा दिए। प्रो. भूतडा को इसकी जानकारी मिलते ही उन्होंने पुलिस में एफ आईआर दर्ज कराई परन्तु आगे कोई विशेष कार्यवाही नहीं हुई।प्रो. भूतडा ने बैंक में आरटीआई लगाकर चैक की प्रति प्राप्त की, जिस पर उनके फ र्जी हस्ताक्षर थे। उन्होंने आरटीआई के माध्यम से ही बैंक से जानकारी मांगी व फ र्जी हस्ताक्षर वाले चैक पास करने वाले के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की। इसके बाद बैंक की ओर से उनके खाते में 3.50 लाख रुपए जमा करवा दिए गए। आररटीआई से मिले जवाब में सामने आया कि चैक की चोरी बैंककर्मी सेल्स मैनेजर जयन्त बोराणा ने की थी।
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23 को कमिश्नर को पत्र लिख कार्यवाही की मांग की
प्रो भूतड़ा ने बताया कि चोरी हुए चैक की राशि प्राप्त करने के लिए मैने बहुत मुसीबतें देखी। मेरी पत्नी असहाय रोगों से पीडि़त है। न्याय व उचित कार्यवाही के लिए पुलिस विभाग के चक्कर लगाता रहा, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। अब मैने 23 नवम्बर को पुलिस कमिश्नर को पत्र लिख उचित कार्यवाही की मांग की है।
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