
जोधपुर. पूरी दुनिया कोरोना वायरस के चलते रेड अलर्ट पर है। इससे न केवल आर्थिक संकट बढ़ता जा रहा है बल्कि आमजन जीवन पर भी खासा असर डाला है। वायरस से बचाव के लिए एक मीटर की दूरी आवश्यक बताई गई है। ऐसे में जोधपुर कलक्ट्रेट में निर्देशों की पालना करने के साथ ही कर्मचारियों के डेस्क के आगे तख्तियां लगाकर यहां आने वाले लोगों को जागरूक करने के साथ ही अनावश्यक रूप से न रुकने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
इस बीच जोधपुर में एक और संदिग्ध मरीज सामने आया है। हाउसिंग बोर्ड निवासी यह व्यक्ति कुछ समय पूर्व ही ईरान से लौटा है और वायरस के लक्षण मिलने पर एमडीएम अस्पताल में इसे भर्ती करवाया गया है। व्यक्ति ने बताया कि ईरान में जहां वह रह रहा था वहां उसके समीप रहने वाले चार अन्य व्यक्ति वायरस से पॉजीटिव पाए गए थे। यह व्यक्ति ईरान में नौकरी करता था। वहीं ईरान सै लौटे यात्रियों के बारे में जानकारी लेने के लिए आर्मी चीफ जनरल नरवणे ने जैसलमेर मिलिट्री स्टेशन में बनाए गए वैलनेस सेंटर का जायजा लिया है।
कोरोना के खतरे के बावजूद राजस्थान रोडवेज मुस्तैद नजर नहीं आया। यहां कर्मचारियों के लिए पर्याप्त मात्रा में मास्क व सेनेटाइजर आदि मुहैया नहीं करवाए गए हैं। कोरोना वायरस से सावधानी को लेकर पुलिस मुख्यालय ने दिशा निर्देश जारी किए हैं। हाईकोर्ट में भी यह मामला उठा है। कोरोना वायरस के प्रकोप को लेकर निजी अस्पतालों को जवाबदेह बनाने और रेलवे स्टेशन सहित सार्वजनिक स्थानों पर स्क्रीनिंग सुविधा उपलब्ध करवाने को लेकर दायर जनहित याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है।