
जोधपुर।
प्रदेश के हैण्डीक्राफ्ट सहित विभिन्न उत्पादों का निर्यात करने वाले निर्यातकों के विदेशों में करीब 500 करोड रुपए अटके पड़े है। इसमें अकेले जोधपुर के हैण्डीक्राफ्ट निर्यातकों के करीब 200 करोड़ रुपए शामिल है। अब, प्रदेश के हैण्डीक्राफ्ट निर्यातकों के विदेशों में अटके करोड़ों रुपयों के विवाद सुलझने की उम्मीद जगी है। भारत सरकार के कार्यालय डायरेक्टर जनरल ऑफ फ ोरन ट्रेड (डीजीएफ टी) ने आयात-निर्यात व्यापार विवादों को निपटाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल की शुरूआत की है। इस पोर्टल पर दो प्रकार की शिकायत दर्ज हो सकेंगी। पहली जिन निर्यातकों का पैसा विदेशों में अटका हुआ है। इस पोर्टल पर दूसरी शिकायत विदेशी बायर द्वारा कराई जाएगी। जिसमें विदेशी ग्राहक भारतीय कम्पनी व निर्यातकों द्वारा सही क्वालिटी का माल नहीं भेजने के संबंध में शिकायत दर्ज करवा सकेंगे। शिकायतकर्ता को संबंधित शिकायत के कुछ दस्तावेज सबूत के तौर पर पीडीएफ फर्मेट में अपलोड करने होंगे । इसके बाद सरकार निर्यातकों की पैरवी करते हुए संबंधित विदेशी कम्पनियों व उक्त भारतीय दूतावास के माध्यम से विवादों के सलटारा करने के प्रयास करेगी ।
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पेमेंट अटकने के कारण
- कई मामलों में एक्सपोर्टर्स को विदेशों में भेजे अपने माल का पेमेंट नहीं मिला ।
- कभी विदेशी कंपनी दिवालिया हो जाती है तो कभी बायर किसी परिस्थिति के चलते माल स्वीकार नहीं करता है।
- कई मामलो में बायर फ्रॉड करते हुए जोधपुर के निर्यातकों द्वारा भेजे गए माल को खराब बताते हुए पेमेंट देने से मना कर देते है।
- कई बायर यहां के निर्यातकों को एक-दो कन्साइनमेंट के समय पर पेमेंट कर उन्हें अपने विश्वास में ले लेते है। बाद में बड़े ऑर्डर देकर माल मंगवाकर पैसा हडप लेते है ।
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डीजीएफ टी की इस पहल से छोटे-बड़े निर्यातकों को फ ायदा होगा । ऑनलाइन पोर्टल सुविधा से निर्यातकों के साथ विदेशी ग्राहकों को अपने व्यापार संबंधी विवादों को निपटाने में मदद मिलेगी । इससे विदेशी बायर्स का विश्वास भारत के प्रति मजबूत होगा व निर्यात को बढ़ावा मिलेगा ।
मनीष पुरोहित, सचिव
जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन
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