जोधपुर

कोरोना वायरस ने यूं निकाली पाकिस्तान की अकड़, पक्का दोस्त चीन भी नहीं दे पा रहा कोई साथ

पाकिस्तान में मार्च 2019 में बीस साल बाद पहली बार टिड्डी ने ब्लूचिस्तान प्रांत से प्रवेश किया। भारत और पाकिस्तान के टिड्डी नियंत्रण अधिकारियों की जून 2019 में हुई पहली बैठक में ही भारतीय अधिकारियों ने पाक को टिड्डी मारने के लिए पेस्टीसाइड की ऑफर की लेकिन पाक अधिकारियों ने ठुकरा दिया।
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pakistan is facing economic and import slowdown due to coronavirus
कोरोना वायरस ने यूं निकाली पाकिस्तान की अकड़, पक्का दोस्त चीन भी नहीं दे पा रहा कोई साथ

गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. टिड्डी के कारण राष्ट्रीय आपातकाल झेल रहे पाकिस्तान की अब उसके मित्र देश चीन में फैले कोरोना वायरस ने अकड़ ढीली कर दी है। महामारी के कारण चीन से व्यापार कम होने और टिड्डी मारने के लिए महंगा पेस्टीसाइड मिलने से अब पाकिस्तानी सरकार भारत से व्यापार प्रतिबंध हटाकर पेस्टीसाइड खरीद सकती है। पाकिस्तान भी टिड्डी मारने के लिए मैलोथियान पेस्टीसाइड उपयोग करता है जिसका निर्माण वहां नहीं होता है। वह चीन से आयात करता है। वर्तमान में चीन में कोरोना वायरस का प्रकोप है।

पाकिस्तान के मशहूर अखबार डॉन के मुताबिक मंगलवार को हुई पाकिस्तानी संघ की कैबिनेट बैठक में यह प्रमुख एजेण्डा था। 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर में धारा-370 हटाने के बाद पाकिस्तान ने भारत के साथ सभी व्यापारिक संबंध खत्म कर दिए थे। अब पाकिस्तान पेस्टीसाइड खरीद के लिए केवल एक बार प्रतिबंध में छूट देने पर विचार कर रहा है। प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पाकिस्तान के चारों प्रांतों के मुख्यमंत्री शामिल हुए।

भारत ने आगे बढकऱ ऑफर दी, पाक ने ठुकराया
पाकिस्तान में मार्च 2019 में बीस साल बाद पहली बार टिड्डी ने ब्लूचिस्तान प्रांत से प्रवेश किया। भारत और पाकिस्तान के टिड्डी नियंत्रण अधिकारियों की जून 2019 में हुई पहली बैठक में ही भारतीय अधिकारियों ने पाक को टिड्डी मारने के लिए पेस्टीसाइड की ऑफर की लेकिन पाक अधिकारियों ने ठुकरा दिया। जुलाई व अगस्त 2019 में पाकिस्तान के पास पेस्टीसाइड खत्म हो गया था और संयुक्त राष्ट्र ने इस पर नाराजगी भी प्रकट की थी लेकिन पाक नहीं माना।

चीन से करता है आयात, अवधिपार भेज दिया
टिड्डी मारने के लिए भारत व पाकिस्तान दोनों ही मैलाथियान पेस्टीसाइड उपयोग में लेते हैं। यह एक खतरनाक रसायन है। इस वजह से भारत में भी केवल मुंबई स्थित सरकारी कम्पनी में ही इसे बनाया जाता है, जबकि पाकिस्तान इसे चीन से आयात करता है। पिछले साल अगस्त में चीन ने 10 हजार लीटर अवधिपार पेस्टीसाइड भेज दिया था, जिस कारण वहां पंजाब प्रांत में टिड्डी नहीं मरी। टिड्डी ने पाकिस्तान में कपास, गेहूं, मक्का सहित अन्य फसलों को बुरी तरह नष्ट कर दिया। जनवरी में वहां प्रधानमंत्री इमरान खान को राष्ट्रीय आपातकाल लगाना पड़ा। हालत यह है कि इस बार पाक में कपास की केवल 2.5 मिलियन गांठें होने का अनुमान है जबकि पिछले 4 मिलियन थी।

Updated on:
19 Feb 2020 01:55 pm
Published on:
19 Feb 2020 01:54 pm