जोधपुर

टिड्डी हमला रोकने के प्रयासों पर पाकिस्तान ने पार की हदें, जीरो लाइन पर घंटों धूप में इंतजार करते रहे भारतीय सैनिक

संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के बैनर तले होने वाली मासिक बैठक पाकिस्तानी अफसरों की अनदेखी के कारण नहीं हो सकी। इतना ही नहीं इसके लिए भारत को दोषी बताते हुए पाकिस्तान ने रोम स्थित एफएओ को मुख्यालय को झूठा ई-मेल भी कर दिया कि भारतीय अफसर नहीं आए। जबकि भारतीय अफसर और सीमा सुरक्षा बल के जवान पौन घंटे तक मुनाबाव जीरो लाइन के निकट धूप में खड़े रहे।
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pakistan refused meeting with India on pest control
टिड्डी हमला रोकने के प्रयासों पर पाकिस्तान ने पार की हदें, जीरो लाइन पर घंटों धूप में इंतजार करते रहे भारतीय सैनिक

गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. आतंक के मु²े पर दुनिया भर में घिरा पाकिस्तान मानवीयता भी भुलाने लगा है। पाकिस्तान से आ रहे टिड्डी दल भारत में खड़ी फसल चट कर रहे हैं और पाकिस्तान इसके लिए रत्तीभर भी गंभीर नजर नहीं आता। पाकिस्तानी अफसरों ने गुरुवार को तो हद ही कर दी। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के बैनर तले होने वाली मासिक बैठक पाकिस्तानी अफसरों की अनदेखी के कारण नहीं हो सकी। इतना ही नहीं इसके लिए भारत को दोषी बताते हुए पाकिस्तान ने रोम स्थित एफएओ को मुख्यालय को झूठा ई-मेल भी कर दिया कि भारतीय अफसर नहीं आए। जबकि भारतीय अफसर और सीमा सुरक्षा बल के जवान पौन घंटे तक मुनाबाव जीरो लाइन के निकट धूप में खड़े रहे।

टिड्डी के प्रकोप के चलते संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में हर महीने होने वाली बैठक आज पाकिस्तान के खोखरापार में प्रस्तावित थी। भारत के टिड्डी चेतावनी दल के अधिकारी बीएसएफ जवानों के साथ सुबह साढ़े 9 बजे बाड़मेर के मुनाबाव स्थित जीरो लाइन पर पीले रंग का झंडा लेकर पहुंच गए। लेकिन न तो पाक रेंजर्स आए और दरवाजा खोला।

बीएसएफ के जवान सुबह 10.15 बजे तक पाक रेंजर्स का इंतजार करते रहे। एक दो बार आवाज भी लगाई। वॉच टावर पर चढकऱ भी देखा। रेंजर्स या पाकिस्तान के टिड्डी अधिकारी नजर नहीं आए। टिड्डी चेतावनी संगठन के उप निदेशक डॉ. केएल गुर्जर अपनी टीम और बीएसएफ अधिकारियों के साथ बबूल के पेड़ के नीचे बाट जोहते रहे। आखिर मुनाबाव में लंच के बाद शाम को बाड़मेर लौट आए।

इधर शाम 5 बजे पाकिस्तान के प्लांट प्रोटक्शन विभाग के तकनीकी निदेशक डॉ. तारिक मोहम्मद खान ने बाड़मेर में अपने काउंटर पार्ट भारतीय अफसर को फोन कर उलटे उलाहना दे दिया कि वे वे दिनभर खोखरापार में इंतजार करते रहे। और तो और पाकिस्तान ने अपनी गलती छिपाने के लिए एफएओ मुख्यालय को झूठा ई-मेल कर भारत पर वार्ता तोडऩे का आरोप तक लगा दिया। इस पर दिल्ली से विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने संयुक्त राष्ट्र को सच्चाई से अवगत करवाया।

धारा 370 के बाद से ना नुकुर
पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर में धारा-370 समाप्त करने के बाद ही पाकिस्तान टिड्डी बैठक को लेकर ना नुकुर कर रहा है। अगस्त में बैठक की सूचना महज 16 घण्टे पहले दी गई। सितम्बर की बैठक में खुद संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधि कीथ क्रीसमेन खोखरापार पहुंचे इसलिए पाक की बैठक तोडऩे की हिम्मत नहीं हुई। इस बार पाक ने अपना असली रंग दिखा दिया।

हम धूप में इंतजार करते रहे, कोई नहीं दिखा
हमारे जवानों ने पौन घण्टे तक धूप में इंतजार किया लेकिन रेंजर्स नहीं आए। हमारे पास सबूत के रूप में फोटो भी हैं।
- डॉ. केएल गुर्जर, उप निदेशक, टिड्डी चेतावनी संगठन जोधपुर

पाकिस्तानी रेंजर्स आए ही नहीं
पाकिस्तानी रेंजर्स आए ही नहीं। जीरो लाइन पर हमारे जवान झण्डा हिलाते रहे।
- गुरुप्रीत सिंह, डीआइजी, बीएसएफ बाड़मेर सेक्टर

Published on:
18 Oct 2019 11:32 am