जोधपुर

पंडित चन्द्रशेखर वझे ने मधुर शास्त्रीय गायन से मन मोहा

जोधपुर.शहर के फतेहसागर रामानुजकोट ( Ramanujkot ) में आयोजित शास्त्रीय संगीत संध्या ( Classical evening ) में मुंबई के प्रख्यात शास्त्रीय गायक पंडित चन्द्रशेखर वझे ( Pandit Chandrashekhar Vajhe ) ने मधुर स्वर में शास्त्रीय गायन ( classical singing ) पेश कर अभिभूत कर दिया।  
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Oct 14, 2019
Pandit Chandrashekhar Vazha delighted with sweet classical singing
Pandit Chandrashekhar Vazha delighted with sweet classical singing

जोधपुर. फतेहसागर की लहरों से छन कर आती शीतल बयार के बीच रामानुजकोट ( Ramanujkot ) के मुक्ताकाशीय मंच पर दो दिवसीय शरद महोत्सव के पहले दिन मुंबई के प्रख्यात शास्त्रीय गायक पंडित चन्द्रशेखर वझे ( Pandit Chandrashekhar Vajhe ) ने राग पूरिया में आज मोरे घर आयो सगुण साक्षात परब्रह्म की कर्णप्रिय प्रस्तुति ( Classical evening ) के लिए आलाप लिया तो शरद पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर चौदहवीं का चन्द्रमा भी बादलों की ओट से प्रकट हो गया, जो कार्यक्रम के अंत तक शीतल चांदनी बिखेरता रहा। पहली प्रस्तुति से ही अपनी गायकी ( classical singing ) से पूर्ण परिचय कराते हुए दूसरी प्रस्तुति कण -कण बोले जय सिया राम से सुधि श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। शरद ऋ तु की राग केदार में पंडित वझे ने 'कान्हा रे नन्दनन्दन, परम निरंजन' के माध्यम से बाल गोपाल का लाड लडाया। दरस बिना दुखन लागे नैणा मीरा के इस पद को ऊंचाइयां बख्शने के बाद उन्होंने विद्या की देवी सरस्वती की वन्दना में संत ब्रह्मानंद रचित 'जय जगदीश्वरी मात सरस्वती ' प्रस्तुत कर अगली प्रस्तुतियों के लिए आशीर्वाद मांगा। पुरन्दर दास ने कन्नड़ में माँ लक्ष्मी के आवाहन में रचित नम्मामी तू भाग्यदा लक्ष्मी बारम्बार प्रस्तुत कर रंग जमाया। कबीर का सतगुरु हो महाराज मो पे साईं रंग डारा तथा आगे की प्रस्तुतियां पूरे शबाब पर पहुंच चुकी चाँदनी में ही प्रस्तुत कर स्वर माधुर्य बिखेरा। हारमोनियम पर डॉ. अनूपराज पुरोहित व तबले पर कपिल वैष्णव ने संगत की। तानपुरे पर भावना वैष्णव तथा राधिका राठी ने साथ दिया। हरि मेरो जीवन प्राणाधार, राग जोगिया में पिया मिलन की आस, गोपाला करुणा क्यों नहीं आवे, की प्रस्तुतियों से समां बांध कर संत तुकाराम के अभंग अच्युता अनंता पांडूरंगा पेश किया। संत नामदेव के गुरु ग्रंथ साहब में दर्ज भजन राम रमेरमी राम संभारे के बाद रंग दे चुनरिया रंग दे से कार्यक्रम का समापन किया।

Published on:
14 Oct 2019 04:06 pm