
जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट ने बहुचर्चित भंवरी देवी अपहरण व हत्या प्रकरण के आरोपी परसराम विश्नोई की अंतरिम जमानत अर्जी निस्तारित करते हुए उन्हें पुलिस कस्टडी में चचेरे भाई के निधन के बाद आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने की अनुमति दी है। न्यायाधीश दिनेश मेहता की एकलपीठ में याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश जोशी ने पैरवी करते हुए कहा कि याची के चचेरे भाई बीरबलराम का 22 जनवरी को निधन हो गया है। एकलपीठ ने अंतरिम जमानत के आवेदन को इस शर्त पर निस्तारित किया कि आरोपी को 24 जनवरी सायं पांच बजे के बाद पुलिस कस्टडी में भेजा जाए। आरोपी को 28 जनवरी को सुबह 10 बजे तक पुन: सेंट्रल जेल में दाखिल होना होगा।
जिला परिषद के चुनाव स्थगित क्यों : कोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव स्थगित करने के राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर राज्य सरकार व आयोग को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। अगली सुनवाई 28 जनवरी को होगी। वरिष्ठ न्यायाधीश संगीत लोढा तथा न्यायाधीश डॉ. पुष्पेंद्रसिंह भाटी की खंडपीठ ने भंवरसिंह की याचिका पर सुनवाई के बाद अतिरिक्त महाधिवक्ता सुनील बेनीवाल को अगली सुनवाई पर सरकार का पक्ष रखने को कहा है। याची के अधिवक्ता मोतीसिंह ने कोर्ट को बताया कि पंचायती राज अधिनियम के तहत पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव प्रथम बैठक से पांच साल की अवधि से पूर्व करवाए जाने बाध्यकारी है। राज्य निर्वाचन आयोग ने 9 जनवरी को आदेश जारी कर तीन हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतों व अन्य पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव स्थगित कर दिए, जबकि यह संवैधानिक प्रावधानों के विपरीत है।