
अमित दवे/जोधपुर. रेलवे को घाटे में पहुंचाने के लिए बिना टिकट यात्री जिम्मेदार है। प्रतिवर्ष करोड़ों का राजस्व इन्हीं की वजह से प्रभावित हो रहा है। यह तो रेलवे के आंकड़े बताते हैं कि प्रति वर्ष बिना टिकट यात्रा करने वालों की संख्या बढ़ रही है। पिछले चार साल में यह संख्या करीब डेढ़ गुना बढ़ी है। यह तो वह आंकड़े है जो कि रेलवे की पकड़ में आए हैं। ऐसे और भी लोग होंगे जो बिना टिकट यात्रा कर रेलवे प्रशासन की आंखों से बच निकलते होंगे। भारतीय रेलवे ने पिछले चार साल में देश में ट्रेनों में सफर करने वाले बेटिकट यात्रियों का आंकड़ा जारी किया है। बेटिकट ट्रेन में सफ र कर रहे यात्रियों से 2014-15 से 2017-18 तक 40 प्रतिशत से अधिक जुर्माना वसूला है। सूचना के अधिकार के तहत यह जानकारी रेलवे ने दीनदयाल बंग को उपलब्ध कराई है। भारतीय रेल में रोजाना 12 हजार ट्रेनों का संचालन होता है, जिसमें करीब 2.25 करोड़ यात्री सफ र करते है।
देशभर के बेटिकट यात्रियों व उनसे वसूला गया जुर्माने की स्थिति
वर्ष--------- बेटिकट यात्री------ जुर्माना
2014-15---- 1.60 करोड़------ 751.40 करोड़ रुपए
2015-16---- 1.90 करोड़------ 866.33 करोड़ रुपए
2016-17----- 2.04 करोड़------ 935.64 करोड़ रुपए
2017-18----- 2.40 करोड़------ 1127.42 करोड़ रुपए
उत्तर पश्चिम रेलवे ने पकड़े चार लाख बेटिकट यात्री
वर्ष--------- बेटिकट यात्री------ जुर्माना
2014-15---- 2.85 लाख ------ 13.02 करोड़ रुपए
2015-16---- 3.54 करोड़ ------ 24.09 करोड़ रुपए
2016-17----- 3.39 लाख ------ 23.39 करोड़ रुपए
2017-18----- 4.11 लाख ------ 16.18 करोड़ रुपए
जुर्माना राशि 250 रुपए
ट्रेनों में लगातार बिना टिकट यात्रियों की संख्या बढ़ती जा रही है। वहीं रेलवे की ओर से सफर कर रहे बेटिकट यात्रियों से जुर्माने के रूप में पिछले करीब दो दशक से 250 रुपए लिए जा रहे है।