जोधपुर

एमजीएच अस्पताल में आया अनूठा केस, 10 हजार लेागों में से किसी एक में होती है ऐसी शारीरिक संरचना

डॉक्टर तब और ज्यादा आश्चर्यचकित रह गए जब उन्हें इस बुजुर्ग के अन्य अंग भी सही स्थान पर नहीं मिले। ये हैं पीपाड़ निवासी 64 वर्षीय वृद्ध, जो करीब दो सप्ताह पहले महात्मा गांधी अस्पताल में पेट में बायीं तरफ दर्द की शिकायत लेकर आए थे।
2 min read
patient admitted with different Physical structure at MGH jodhpur
एमजीएच अस्पताल में आया अनूठा केस, 10 हजार लेागों में से किसी एक में होती है ऐसी शारीरिक संरचना

अभिषेक बिस्सा/जोधपुर. इस वृद्ध को देखकर डॉक्टर भी हैरान है। बात ही कुछ ऐसी है। क्योंकि हमारे शरीर में लीवर दायीं तरफ होता है, लेकिन इनके बायीं ओर लीवर है। मानव शरीर में बायीं तरफ ह्रदय धडक़ता है, लेकिन इनके दायीं तरफ ह्रदय है। डॉक्टर तब और ज्यादा आश्चर्यचकित रह गए जब उन्हें इस बुजुर्ग के अन्य अंग भी सही स्थान पर नहीं मिले। ये हैं पीपाड़ निवासी 64 वर्षीय वृद्ध, जो करीब दो सप्ताह पहले महात्मा गांधी अस्पताल में पेट में बायीं तरफ दर्द की शिकायत लेकर आए थे।

जांचों के दौरान डॉक्टर उल्टे-पुल्टे अंग देख दंग रह गए। इस मरीज के अपेंडिक्स भी दायीं की जगह बायीं तरफ दिखा। तिल्ली बायीं की जगह दायीं तरफ मिली। डॉक्टरों के मुताबिक ऐसी शारीरिक विकृति विश्व में 10 हजार लोगों में से एक को ही होती है। डॉक्टरों के मुताबिक 64 वर्षीय वृद्ध का मामला किसी अचंभे से कम नहीं है। आमतौर पर शरीर के एक-दो अंग इधर-उधर होने के मामले तो हजारों लोगों में से एक में मिल जाते हैं पर इतने सारे अंग उल्टे-पुल्टे होना दुनिया में बहुत कम रिपोर्ट किया गया है।

साइटस इन्वर्सस टोटलिस
इसे मेडिकल साइंस में साइटस इन्वर्सस टोटलिस कहा जाता है। यह आनुवांशिक स्थिति है जिसमें छाती और पेट के अंग सामान्य जगहों से अलग होते हैं। जैसे दिल बाएं की जगह दाएं और लिवर दाएं के बजाय बाएं होता है। संबंधित शख्स की पीढिय़ों में किसी के जीन में परिर्वतन होने से ऐसी स्थिति आ सकती है। यह क्रोमोसोम में ऑटोसोमल रिसेसिव जेनेटिक परिवर्तन के कारण होती है। एक बार किसी के भी जीन में आने से यह विकृति परिवार में प्रवेश कर सकती है।

एनाटॉमी में ऐसा खास क्या?
64 वर्षीय वृद्ध ने आज तक अपनी सोनोग्राफी नहीं कराई। इस कारण उन्हें कभी पता नहीं चला कि उनके शरीर में अधिकतर अंग विपरीत दिशा में हैं। मरीज को रविवार को डिस्चार्ज कर दिया गया। इस शख्स को जीवनभर हृदय, गुर्दे या दूसरे अंगों से जुड़ी कोई बीमारी ही नहीं हुई। डॉक्टरों के लिए भी यह रिसर्च का विषय है कि आखिर इस एनाटॉमी में खास क्या है।

सोनोग्राफी में हुआ खुलासा, पस भी निकाली
डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के अतिरिक्त प्राचार्य व सर्जरी विभाग के सीनियर प्रोफेसर डॉ. अजय मालवीय ने बताया कि ये मरीज सर्जरी यूनिट में भर्ती रहा। इसके सभी अंग विपरीत दिशा में होने का खुलासा भी सोनोग्राफी के दौरान हुआ। डॉ. मालवीय और डॉ. प्रखर ने अल्ट्रा सोनोग्राफी के जरिए सुई से लीवर में से पस बाहर निकाली। डॉ. मालवीय के अनुसार पूरी दुनिया की आबादी में ऐसे लोग 0.01 प्रतिशत ही मिलते हैं।

Published on:
01 Oct 2019 12:13 pm