
जोधपुर.
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जोधपुर ने नागौर जिले के खींवसर में कृषि भूमि का नक्शा ल_ा व मौके पर दो भाइयों में बंटवारा करने की एवज में सात हजार रुपए रिश्वत लेते पटवारी को मंगलवार को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। उसकी जेब से 82 हजार रुपए अतिरिक्त जब्त किए गए। आरोपी वर्ष 2011 में भी चार हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार हो चुका है।
ब्यूरो के उप महानिरीक्षक डॉ विष्णुकांत ने बताया कि बावड़ी में लवेरा खुर्द के निंबारिया गांव निवासी जीवनराम गहलोत की शिकायत पर मूण्डवा थानान्तर्गत थिरोद निवासी खींवसर तहसील के पटवारी श्रवणलाल खुड़ीवाल (51) पुत्र सुगनाराम को सात हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। तलाशी लेने पर उसकी जेब से 82 हजार रुपए भी जब्त किए गए। जिनके बारे में वो कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया।
दस हजार पहले लिए, सत्यापन में दो हजार वसूले
ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भोपालसिंह लखावत ने बताया कि जीवनराम के पिता उमाराम माली के नाम खींवसर में खरीदशुदा कृषि भूमि है। जो पिता ने जीवनराम व उसके भाई भभूतराम को रजिस्टर्ड बेचानामा कर रखा है। नामान्तरण दर्ज भी हो चुका है। गत मार्च में दो भाइयों ने जमीन का बंटवारा कराने के लिए हल्का पटवारी श्रवणलाल से सम्पर्क किया, लेकिन वह टालमटोल करता रहा। 25 मई को पटवारी ने दस हजार रुपए लिए और बंटवारे का नामान्तरण दर्ज किया। इसके बाद नक्शा ल_ा व मौके पर बंटवारा कराने के लिए उसने दस हजार रुपए मांगे। जिसकी शिकायत जीवन ने एसीबी से की। गोपनीय सत्यापन में वह नौ हजार रुपए लेने पर सहमत हुआ। उसने परिवादी की जेब से दो हजार रुपए ले लिए। शेष सात हजार रुपए परिवादी ने मंगलवार को पटवारी को दिए। तभी एएसपी भोपालसिंह लखावत के नेतृत्व में निरीक्षक अमराराम खोखर ने दबिश देकर पटवारी को पकड़ लिया। रिश्वत राशि भी बरामद की गई।
10 साल पहले भी ली थी चार हजार रिश्वत
आरोपी पटवारी श्रवणराम ने वर्ष 2011 में भी ताडावास हल्का पटवारी रहने के दौरान चार हजार रुपए रिश्वत लेते एसीबी की गिरफ्त में आ चुका है। यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है।