
जोधपुर. फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) ने देश भर में बैचलर इन फार्मेसी (बी फार्मा) और डिप्लोमा इन फार्मेसी (डी फार्मा) की परीक्षाएं आयोजित करवाने का आदेश जारी किया है। पीसीआई के दिशा निर्देश के मद्देनजर जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय ने भी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी है। प्रायोगिक परीक्षाएं ऑफलाइन मोड पर इसी सप्ताह शुरू कर दी गई है जबकि सैद्धांतिक परीक्षाओं के ऑफलाइन अथवा ऑनलाइन करवाने के मोड पर मंथन किया जा रहा है।
उधर कोरोना से पहले विवि ने विज्ञान वर्ग की अधिकांश प्रायोगिक परीक्षाएं करवा दी थी। बीएससी बायो/मैथ्स की प्रायोगिक परीक्षा हो गई। बीसीए के दो बैच को छोडकऱ समस्त बैच की परीक्षा हो गई। ये बैच बीसीए द्वितीय वर्ष के हैं। इनके लिए विवि ने अब परीक्षा कार्यक्रम जारी किया है। दोनों बैच की प्रायोगिक परीक्षा 7 और 8 सितम्बर को दो पारियों में होगी। यह ऑफलाइन होगी। कुछ छात्र छात्राओं इसका विरोध भी किया है।
विवि प्रशासन का कहना है कि जब 90 प्रतिशत छात्र छात्राओं को प्रायोगिक परीक्षा के बाद अंक दिए जा रहे हैं तो इन दो बैच के छात्र-छात्राओं को मनमर्जी से अंक नहीं दिए जा सकते।
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‘ऐसे विद्यार्थी जो कोविड-19 से प्रभावित है और परीक्षा देने नहीं आ सकते, उनके लिए हम अलग से परीक्षा ले लेंगे। पीसीआई के निर्देश के बाद फार्मेसी की सभी कक्षाओं की परीक्षाएं होगी।’
-प्रो संगीता लूंकड़, परीक्षा समन्वयक, विज्ञान संकाय, जेएनवीयू