
जोधपुर. राज्य सरकार की ओर से राजस्थान हेल्थ गर्वंमेंट स्कीम लागू कर दी गई है। हालात ये है कि स्कीम लागू किए जाने के बीच गत दो दिनों से जोधपुर में सैकडों पेंशनर्स मेडिकल डायरी लेकर सहकारी दवा काउंटरों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें दुकान के कहीं शटर डाउन तो कहीं दवा फिलहाल नहीं दिए जाने का हवाला मिल रहा है। डायबिटीज, मधुमेह व ह्रदय सहित कई तमाम तरह की दवाइयां माह खत्म होते ही न मिलने पर कई पेंशनर्स जेब से पैसा खर्च कर बाजार से दवा लाने को मजबूर हैं। पेंशनर्स को नि:शुल्क डायरी से मिलने वाली दवाएं कब मिलेगी, इस बारे में भी कोई संतोषजनक जवाब देने वाला भी नहीं है। जोधपुर में करीब 15 हजार से अधिक पेंशनर्स हैं।
अब आरजीएचएस कार्ड की फोटो कॉपी लगाकर देंगे दवाएं
जोधपुर सहकार भंडार से कुछ स्टाफ को प्रशिक्षण के लिए जयपुर भेजा गया है। अब पेंशनर्स को आरजीएचएस कार्ड की फोटो कॉपी लगाकर दवाएं देनी है। फिलहाल बगैर आरजीएचएस कार्ड के दवाएं नहीं देने के निर्देश भी भंडार को दिए गए हैं। जानकारी अनुसार जो नया सॉफ्टवेयर आया हैं, उसका आरजीएचएस से कोई लेना-देना भी नहीं नहीं बताया जा रहा है। इन व्यवहारिक दिक्कतों के चलते शहर के बुजुर्गों को दवाइयां लेने में दिक्कतें आ सकती है।
केस-1
रामगोपाल ने बताया कि उन्हें ह्रदय व ब्ल्ड प्रेशर रोग है। इसके अलावा उनके घुटने में भी दर्द रहता है। वे लोसारटिन, एस्प्रिन, क्लोपिटेब व ट्रमाडॉल जैसी दवाइयों के लिए पिछले दो दिन से चक्कर लगा रहे है। लेकिन उन्हें नई स्कीम आने के तहत दवा नहीं दी जा रही है। उन्होंने अपने परीचित से शनिवार को बाजार से 8 सौ रुपए खर्च कर दवाएं मंगवाई।
केस-2
रविशचंद्र ने कहा कि उन्हें अपनी पत्नी के लिए दवा लेनी है, लेकिन सहकारी बाजार में दवाएं तक नहीं मिल रही है। जबकि वे दवा एक दिन की बची थी, उससे पहले काउंटर पर दवा लेने गए थे। उन्होंने भी शनिवार को बाजार जाकर दवाइयां खरीदी। उन्होंने कहा कि सरकार को पूरी तैयारी के साथ ही योजना प्रारंभ करनी चाहिए, ताकि उन जैसे बुजुर्गों को ज्यादा इधर-उधर घूमना नहीं पड़े। इनका कहना...
अब पेंशनर्स को मेडिकल डायरी पर डॉक्टर परामर्श पेज और फ्रंट पर पीपीओ नंबर अंकित कॉपी लगाने के साथ आरजीएचएस कार्ड की अतिरिक्त प्रति लगानी पड़ेगी। उसी पर दवाएं दी जाएगी।
- लाल जसावत चारण, महाप्रबंधक, जोधपुर सहकारी भंडार