
जोधपुर. लॉक डाउन के कारण रेस्टोरेंट बंद करना पड़ा और कुक बेकार हो गए तो एक रेरस्टोरेंट संचालक ने पत्नी व दोस्तों के साथ मिलकर जरुरतमंदों को दो समय का भोजन कराने का जिम्मा उठाया ओर अब रोजाना सुबह-शाम पांच सौ से अधिक जरुरतमंदों को दो वक्त का भोजन उपलब्ध करवा रहे हैं। जिसमें उनके कुछ दोस्त भी आर्थिक मदद कर रहे हैं। शहर के कैलाश गेहलोत ने बताया कि मंडोर क्षेत्र में उनका रेस्टारेंट है। लॉक डाउन के कारण रेस्टोरेंट बंद करना पड़ा। तो कुक भी घर जाने की जिद्द करने लगे। इस दौरान दोस्त दिनेश विश्नोई मिला। बातों ही बातों में ख्याल आया कि क्यों न कच्ची बस्तियों में जाकर जरुरतमंदों तक भोजन पहुंचाया जाए जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है।
फिर दोनों मगजी की ढाणी क्षेत्र गए। वहां जाकर ऐसे लोगों का सर्वे किया। जिन्हें वास्तव में दो वक्त का भोजन नहीं मिल रहा। उन लोगों के परिवार के सदस्यों की भी संख्या ली ओर फिर उस हिसाब से भोजन बनवाना शुरू किया। वर्तमान में उनकी पत्नी अमिता गेहलोत के नेतृत्व में रेस्टोरेंट कुक रोजाना सुबह-शाम करीब पांच सौ लोगों के लिए भोजन बना रहे हैं। उनके इस काम में पत्नी अमिता का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। उन्होंने बताया कि जरुरतमंद घर से टिफिन लेकर आते है। उनके परिवार के सदस्यों के अनुसार भोजन लेकर घर जाते हैं।
जरूरतमंदों में बांटे भोजन के 650 पैकेट
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए घोषित लॉकडाउन में भारत सेवा संस्थान की ओर से जरूरतमंदों को भोजन का वितरण किया गया। संस्थान के प्रभारी नरपत सिंह कच्छवाहा ने बताया जोधपुर के मंडोर, भदवासिया, महामंदिर, कागा, उदयमंदिर में रहने वाले जरूरतमंदों को भोजन के 650 पैकेट तैयार कर पुलिस प्रशासन के सहयोग से वितरित किए गए। संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष एवं राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की भावना के अनुरूप जोधपुर के गरीब व जरूरतमंदों को कोरोना महामारी से बचाव के लिए निरंतर चिकित्सा, एम्बुलेंस सेवा व भोजन सामग्री उपलब्ध करवाई जा रही है। इसी क्रम में पशु-पक्षियों के लिए दाना पानी (ज्वार, बाजरी, मक्का आदि) की व्यवस्था की गई। इस अवसर पर रामकिशोर पुंगलिया, संतोष चौहान, संतोष गहलोत, प्रमोद कच्छवाह, मनोहरसिंह गहलोत, मनोहर कच्छवाह तथा संस्थान के कर्मचारी सहित प्रेमदास हलवाई व उनकी टीम ने सेवाएं प्रदान की।
जरूरतमंदों को भोजन के लिए जुट रही संस्थाएं
नारायण सेवा समिति की ओर से आपदा सहायता केन्द्र शुरू कर रोजाना भोजन के 550 पैकेट सुबह-शाम क्षेत्र के प्रवासी मजदूरों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। गोकुलजी का प्याऊ, आर्यसमाज पाणिनीनगर, मगरा पूंजला क्षेत्र, नृसिंहजी की प्याऊ, 9 मील, औद्योगिक क्षेत्र, टूंट की बाड़ी, सहित विभिन्न क्षेत्रों में भोजन के पैकेट व बच्चों के लिए बिस्किट के 200 पैकेट वितरण किए। दूरदराज के क्षेत्रों के लिए 500 पैकेट राशन सामग्री के बनाए जा रहे हैं। इनमें 5 किलो आटा, 2 किलो चीनी, चाय पत्ती, साबुन, दाल, चावल सहित आवश्यक सामग्री शामिल की गई है। इस कार्य में प्रेमसिंह गहलोत, मुकेशराज गहलोत, रामेश्वर गहलोत, लक्ष्मण गहलोत, संदीप चौहान, आनंदसिंह भाटी, मदनलाल सैनी सहित विभिन्न सदस्यों से भागीदारी निभा रहे हैं।
जरूरतमंद तक दवा पहुंचाने का जज्बा
शहर में समाजसेवियों का अलग-अलग रूप देखने को मिल रहा है। कई खाना पहुंचा रहे हैँ तो कई कच्ची सामग्री। लेकिन कुछ युवा समाजसेवी ऐसे भी हैं जो जरूरतमंद लोगों तक दवाइयां भी पहुंचा रहे हैं। उड़ान फाउंडेशन के इन युवाओं ने सोशल मीडिया पर अपने नम्बर जारी कर किसी प्रकार की मेडिकल इमरजेंसी व जरूरत होने पर मदद के लिए हेल्पलाइन नम्बर जारी किए हैं। इसके बाद से दूरदराज के क्षेत्र में रहने वाले बुजुर्ग लोग जो मेडिकल दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं उन तक दवाइयां भी पहुंचा रहे हैं। अध्यक्ष वरूण धनाडिया ने बताया कि बीते कई दिनों से यह सेवा कर रहे हैं। पाल गांव के समीप भी एक वृद्ध ने फोन पर दवाइयों की मजबूरी की बात कही तो टीम ने उनको मदद पहुंचाई। इसके अलावा शहर के अलग-अलग कोने से भी लोग मदद मांग रहे हैं।