जोधपुर

अपणायत के शहर जोधपुर जीव-जंतुओं का भी रखा जा रहा है ख्याल, लॉकडाउन में दी जा रही हैं सेवाएं

अपणायत का शहर जोधपुर। यहां वैश्विक महामारी के दौर में जितने रसोड़े निर्धन, बेसहारा व जरूरतमंद इंसानों के लिए चल रहे हैं, उतनी ही आवभगत जीव-जंतुओं की भी हो रही है। शहर में कई लोग प्रतिदिन घर-घर श्वानों व गायों के लिए रोटियां मांगने जाते थे, लेकिन ये दौर थोड़ा थमा है।
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people are taking care of animals during coronavirus lockdown
अपणायत के शहर जोधपुर जीव-जंतुओं का भी रखा जा रहा है ख्याल, लॉकडाउन में दी जा रही हैं सेवाएं

जोधपुर. अपणायत का शहर जोधपुर। यहां वैश्विक महामारी के दौर में जितने रसोड़े निर्धन, बेसहारा व जरूरतमंद इंसानों के लिए चल रहे हैं, उतनी ही आवभगत जीव-जंतुओं की भी हो रही है। शहर में कई लोग प्रतिदिन घर-घर श्वानों व गायों के लिए रोटियां मांगने जाते थे, लेकिन ये दौर थोड़ा थमा है। लेकिन इस बीच शहरभर में कई इलाके ऐसे हैं, जहां जरूरतमंदों का खाना बनने के साथ श्वानों और गायों के लिए भी भोजन बन रहा है।

पहाड़ी इलाको में बंदरों के लिए कायलाना, मंडोर, दईजर व राणीसर क्षेत्र में खूब सेवाएं हो रही हैं। भीतरी शहर के गूंदी मोहल्ला क्षेत्र में एक पोल में प्रदीप जोशी की ओर से निर्धन परिवारों के साथ जीव-जंतुओं के लिए भी भोजन बनाया जा रहा है। यहां प्रतिदिन श्वानों के लिए 10 लीटर दूध और गायों के लिए 5 किलो रोटियां तैयार की जा रही है। इस कार्य में जवान पुरोहित व अनिल बोड़ा भी सहयोग करते हैं।

जोशी ने आग्रह किया है कि अगर इस दौर में आपके आसपास कोई जीव-जंतु भूखा है तो सभी लोग घर में बनने वाले भोजन का कुछ हिस्सा इनके लिए भी रखें। ये धर्म के साथ हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। वहीं बात की जाए तो नगर निगम की ओर से सूरसागर स्थित श्वानों के बाड़े में 20 लीटर दूध पहुंचाया जा रहा है। इसके अलावा बड़े दूध के ढोल भर एक समाज सेवी संस्थान भी जुटी है।

Updated on:
02 Apr 2020 04:05 pm
Published on:
02 Apr 2020 02:23 pm