जोधपुर

लॉक डाउन में बागवान चला गया तो खुद ने संभाली 800 पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी, यूं रख रहे ख्याल

लॉक डाउन के चलते पौधों की सार-संभाल के लिए रखा बागवान चला गया तो लगा कि ऐसे तो सभी पौधे मुरझा जाएंगे। तो खुद ने ही पौधों की देखभाल करना शुरू किया। नतीजन करीब तीन माह पूर्व लगाए गए 800 पौधों में से करीब 650 पौधे विकसित होने लगे। हम बात कर रहे है। उम्मेद भवन हेरिटेज कॉलोनी में निवासी नरेश सुराणा की।
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people are taking care of trees and plants during coronavirus lockdown
लॉक डाउन में बागवान चला गया तो खुद ने संभाली 800 पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी, यूं रख रहे ख्याल

ओम टेलर/जोधपुर. लॉक डाउन के चलते पौधों की सार-संभाल के लिए रखा बागवान चला गया तो लगा कि ऐसे तो सभी पौधे मुरझा जाएंगे। तो खुद ने ही पौधों की देखभाल करना शुरू किया। नतीजन करीब तीन माह पूर्व लगाए गए 800 पौधों में से करीब 650 पौधे विकसित होने लगे। हम बात कर रहे है। उम्मेद भवन हेरिटेज कॉलोनी में निवासी नरेश सुराणा की।

जिन्होंने करीब तीन माह पहले रातानाडा क्षेत्र में रेलवे स्टेशन के पिछले हिस्से में गेट संख्या दो के निकट रेलवे की इजाजत के बाद 800 पौधे रोपित किए। लेकिन लॉक डाउन होने पर पौधों की सार संभाल के रखा बागवान चला गया। ऐसे में पौधे मुरझाने लगे तो नरेश सुराणा ने खुद पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी संभाली। वर्तमान में यहां 650 से अधिक पौधे पनप रहे है।

दो से तीन घंटे देखभाल
सुराणा ने बताया कि वह सुबह सात बजे यहां पहुंच जाते हैं। पौधों को पानी देने सहित गडड्े को गहरा करने, सफाई करने का काम करते हैं। करीब एक ट्रोली से ज्यादा कचरा एकत्रित भी किया। उन्होंने बताया कि उनका लक्ष्य है कि इन पौधों को पेड़ बनता देखना। इसलिए वे रोजाना यहां करीब दो से तीन घंटे पौधों को पानी देने व सफाई कार्य करते है। इससे मन को सकून मिलता है।

Published on:
08 Apr 2020 01:56 pm