
जोधपुर. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने रक्तदान शिविरों के आयोजन के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत विभिन्न संगठनों को शिविर लगाने से 10 दिन पहले अनुमति लेनी होगी। विभिन्न रक्तदाता संगठनों ने इसका विरोध करते हुए गाइडलाइन के इस प्रावधान को वापस लेने की मांग की है।
लाल बून्द जिंदगी रक्षक सेवा संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष रजत गौड़ ने कहा कि पूर्व अनुमति की शर्त अव्यावहारिक है। इससे रक्तदान शिविर आयोजित करवाने वाले संगठन हतोत्साहित होंगे, जबकि सरकार को तो रक्तदान शिविरों के आयोजन को बढ़ावा देना चाहिए। ज्यादातर रक्तदान शिविर तत्काल निर्णय लेकर शिविर आयोजित करवाए जाते हैं, ताकि किसी भी ब्लड बैंक में रक्त की कमी नहीं हो। ब्लड बैंक में रक्त की कमी की सूचना मिलते ही शिविर आयोजित कर रक्त संग्रहन करवाया जाता है। ऐसे में 10 दिन पूर्व अनुमति लेने वाले नियमों के तहत ब्लड बैंको में रक्त की भारी कमी का सामना करना पड़ेगा।
संस्थान के सचिव रवि तिवाड़ी ने कहा कि रक्तदान शिविरों की मॉनिटरिंग का निर्णय स्वागत योग्य है, लेकिन रक्तदान शिविरों के लिए पूर्वानुमति का प्रावधान वापस लिया जाना चाहिए।