जोधपुर

सेमीलूपर और कातरे से किसानों के अरमानों पर फिरा पानी

बारिश के मौसम के साथ वातावरण में बढ़ती नमी से फसलों पर शत्रु कीटों का प्रकोप बढऩे से किसानों की नींद उड़ गई हैं।
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Aug 11, 2019
Pests attack crops in Piparcity
सेमीलूपर और कातरे से किसानों के अरमानों पर फिरा पानी

पीपाड़सिटी (जोधपुर) . उपखंड क्षेत्र में बारिश के मौसम के साथ वातावरण में बढ़ती नमी से फसलों पर शत्रु कीटों का प्रकोप बढऩे से किसानों की नींद उड़ गई हैं। क्षेत्र में कतरा के साथ सेमीलूपर कीट किसानों के लिए किसी आतंक से कम नहीं हैं।

पीपाड़सिटी शहरी क्षेत्र ओर जोजरी नदी के आसपास अरंडी के पौधों पर सेमीलुपर कीट का व्यापक असर देखा जा रहा है। अरंडी के पौधों की तो हालत ये हैं कि उसके बड़े बड़े पत्ते इसके आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गए है। इसके पौधे तो मात्र झाडिय़ां बन गए हैं। इससे अरंडी उत्पादक किसानों की हालत खराब हो रही है।

पालिकाध्यक्ष महेंद्रसिंह कच्छवाह ने भी शहरी क्षेत्र के आसपास अरंडी उत्पादक लघु श्रेणी के किसानों के खेतों और बाडिय़ों का अवलोकन कर सेमीलूपर से होने वाले नुकसान का जायजा लिया। किसान सुरेश ने बताया कि दो-तीन दिन में ही सेमीलूपर कीट ने उसके अरंडी के आठ-दस पौधों के पत्तों को साफ कर सिर्फ डंठल ही छोड़े हैं।

कातरे का भी प्रकोप

मानसून के मौसम में विभिन्न गांवों में फसलों पर कातरे का प्रकोप फैल गया हैं। इसका मूंग, मोठ पर ज्यादा असर होने से किसान परेशान हैं। क्षेत्र के पालड़ीसिद्धा, खांगटा, साथीन, सालवा खुर्द, खवासपुरा, सहित अन्य गांवों में भी शत्रुकीटों के कारण किसानों के सपनों पर पानी फिरने लगा है। इसके साथ देखादेखी रसायनों का उपयोग करने से भी शत्रुकीटों पर नियंत्रण कम होने की बजाय बची फसलों के नुकसान की आशंका बढ़ गई हैं। सहायक कृषि अधिकारी चम्पालाल टाक ने शनिवार को प्रभावित किसानों के खेतों का अवलोकन कर नियंत्रण के प्रभावी उपायों की जानकारी दी।

व्हाइट लाई भी सक्रिय

क्षेत्र के रेतीले इलाकों में व्हाइट लाई यानी सफेद लट भी अंकुरित फसलों पर अपना दुष्प्रभाव दिखाने लगी हैं। सहायक कृषि अधिकारी नासिर खिलजी ने बताया कि शत्रुकीटों पर नियंत्रण के लिए जैविक दवाओं के उपयोग के लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा हैं। नीम पेस्ट से इन शत्रुकीटों पर नियंत्रण के प्रयास काफी सफल रहे हैं।

इन्होंने कहा

क्षेत्र में फसलों पर शत्रुकीटों के हमले से फसलों को होने वाले नुकसान को देखते हुए कृषि के साथ राजस्व अधिकारियों को निर्देशित कर रिपोर्ट तलब की जा रही है।

डॉ. लक्ष्मीनारायण बुनकर,उपजिला कलक्टर, पीपाड़सिटी।

Published on:
11 Aug 2019 08:00 am