
गजेंद्र सिंह दहिया/जोधपुर. महंगाई की मार झेल रही जनता के लिए चुनाव से पहले राहत की खबर है। पिछले एक महीने में पेट्रोल 8 रुपए प्रति लीटर सस्ता हुआ है। डीजल की कीमत 4.40 रुपए गिर गई है। परिवहन सस्ता होने से अब वस्तुओं के दामों में गिरावट आ सकती है। पेट्रोल-डीजल दोनों की कीमत लगातार नीचे आने से मुद्रास्फीति का संकट टल गया है। जानकारों ने अगले महीने तक पेट्रोल-डीजल के दामों में गिरावट बरकरार रहने के संकेत दिए हैं। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में यह गिरावट अंतरराष्ट्रीय कारणों से आई है, लेकिन चुनाव से पहले ईंधन के दामों में गिरावट से सतारूढ़ पार्टी ने राहत की सांस ली है।
जोधपुर में अक्टूबर में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 84.96 रुपए पहुंच गई थी। डीजल 78.21 रुपए लीटर बिका। परिस्थितियां बदलने के बाद अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में दोनों में गिरावट आनी शुरू हुई। प्रतिदिन कुछ पैसों की कमी होती गई। रविवार को जोधपुर में भारत पेट्रोलियम के पेट्रोल पंप पर एक लीटर पेट्रोल की कीमत 77.18 और डीजल की 73.81 रुपए थी।
पेट्रोल-डीजल में अब केवल 3.37 रुपए का अंतर
पेट्रोल और डीजल के दामों में अब केवल 3.37 रुपए प्रति लीटर का ही अंतर रह गया है, जबकि एक साल पहले पेट्रोल और डीजल की कीमत में 11 रुपए का फर्क था। भविष्य में पेट्रोल-डीजल के दाम बराबर होने से कार इण्डस्ट्री पर असर पड़ सकता है। वैसे गोआ, गुजरात और उड़ीसा में पेट्रोल की बजाय डीजल महंगा है।
इसलिए आई पेट्रोल-डीजल के दामों में नरमी
- अमरीका द्वारा ईरान पर प्रतिबंध लगाने और उसका तेल नहीं खरीदने की धमकी के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आग लगी थी। इससे भारत को बड़ा झटका लगा। भारत अपनी जरूरत का बहुत बड़ा भाग ईरान से आयात करता है। पिछले महीने अमरीका के रुख में नरमी आने और भारत सहित सात देशों को ईरान से तेल खरीदने की छूट देने से तेल संकट टल गया है।
- ईरान संकट से निपटने के लिए अमरीका, रूस और सऊदी अरब ने तेल का उत्पादन बहुत अधिक बढ़ा दिया, जबकि ईरान अभी भी उत्पादन कर रहा है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल का आधिक्य हो गया है।
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में अक्टूबर में क्रूड ऑयल की कीमत प्रति बैरल 86 डॉलर तक पहुंच गई और अब 65 डॉलर प्रति बैरल तक आ गई है।
- पिछले महीने भारतीय रुपया तेजी से गिरा। डॉलर के मुकाबले रुपए की कीमत 74.48 पहुंच गई। वर्तमान में 72 रुपए का एक डॉलर है।
- केंद्र सरकार के तेल आयात बिल में तेजी से कमी आई है। सरकार ने इस साल 881000 करोड़ रुपए का तेल आयात का लक्ष्य रखा था। क्रूड का दाम एक डॉलर प्रति बैरल गिरने से सरकार को आयात बिल में 6158 करोड़ रुपए का फायदा होता है। वहीं भारतीय मुद्रा मजबूत होने पर एक रुपया प्रति डॉलर के अनुसार 6639 करोड़ रुपए कम चुकाने पड़ते हैं। गौरतलब है कि भारत अपनी जरूरत का 80 फीसदी तेल आयात करता है।
जोधपुर में ऐसे गिरी पेट्रोल-डीजल की कीमतें
तारीख ------ पेट्रोल------ डीजल
1 नवम्बर -----79.87 ------76.03
2 नवम्बर ------79.65 ------75.95
3 नवम्बर ------79.45 ------75.83
4 नवम्बर ------79.23 ------75.63
5 नवम्बर ------79.01 ------75.43
6 नवम्बर ------78.87 ------75.34
7 नवम्बर ------78.87 ------75.34
8 नवम्बर ------78.67 ------75.16
9 नवम्बर ------78.52 ------75.01
10 नवम्बर ------78.35 ------74.85
11 नवम्बर ------78.19 ------74.72
12 नवम्बर ------78.02 ------74.57
13 नवम्बर ------77.90 ------74.45
14 नवम्बर ------77.90 ------74.45
15 नवम्बर ------77.75 ------74.35
16 नवम्बर ------77.57 ------74.19
17 नवम्बर ------77.38 ------74.00
18 नवम्बर ------77.18 ------73.81
पेट्रोल-डीजल के पिछले महीनों के सर्वाधिक दाम
महीना ------पेट्रोल ------डीजल
अक्टूबर 2018 ------84.96 ------78.21
सितम्बर 2018------84.43 ------77.58
अगस्त 2018------81.35 ------74.78
जुलाई 2018 ------79.57 ------72.90
जून 2018 ------81.03 ------73.64