Phalodi Accident : फलोदी जिले के भारतमाला हाईवे पर हनुमान सागर के पास रविवार शाम 7 बजे खड़े ट्रेलर में मिनी बस के घुसने से बस में सवार 15 व्यक्तियों की मृत्यु हो गई। हादसे के बाद एमजीएच अस्पताल जोधपुर का नजारा दिल दहला देने वाला था। किसी के हाथ कांप रहे थे तो किसी की आवाज गले में अटक गई। पढ़ें यह भावुक स्टोरी।
Phalodi Accident : जोधपुर के मतोड़ा में हुए भीषण ट्रेलर-बस हादसे के बाद एमजीएच अस्पताल का नजारा दिल दहला देने वाला था। हर ओर अफरा-तफरी, रोते-बिलखते लोग और बेबस निगाहें अपनों को ढूंढती नजर आ रही थीं। जैसे ही हादसे की खबर शहर तक पहुंची, अस्पताल में परिजनों का सैलाब उमड़ पड़ा। हादसे में करीब 15 व्यक्तियों की मौत ने पूरे एमजीएच अस्पताल परिसर को परिजनों से भर दिया। मोर्चरी में भी पांव रखने की जगह नहीं बची थी।
सभी तीर्थ करने गए थे। राजी खुशी वापस आ रहे थे कि एक हादसे ने हर किसी की खुशी छीन ली। अस्पताल में हर कोई अपनों की तलाश में नजर आ रहा था। कोई स्ट्रेचर पर रखे घायल को पहचानने की कोशिश कर रहा था तो कोई मोर्चरी के बाहर चादर में लिपटे शव को देख बेसुध हो रहा था।
तो कोई बार-बार डॉक्टरों से ‘अरे कोई तो म्हारी मां ने बचा लो…’ की गुहार लगा रहा था। किसी के हाथ कांप रहे थे तो किसी की आवाज गले में अटक गई।
पहले एमडीएम फिर एमजीएच अस्पताल के गलियारों में दर्द की ऐसी तस्वीर थी कि देखने वालों की आंखें नम हो गईं। हर तरफ बस एक ही सवाल गूंज रहा था ‘अब घर कौन लौटेगा?’ मोर्चरी के बाहर इंतजार करते परिजनों के चेहरों पर चिंता, डर और निराशा साफ झलक रही थी।
रात गहराने के साथ मातम का सन्नाटा और गहरा गया। सिसकियों की आवाजें अस्पताल की दीवारों से टकरा रही थीं। जोधपुर का यह काला दिन लोगों की यादों में हमेशा के लिए दर्ज हो गया। एक ऐसा दिन, जब जिंदगी और मौत के बीच इंसानियत रो पड़ी।