जोधपुर

जोधपुर एनआइएफटी कैम्पस में लगाए 201 पौधे और बांटे जूट के कैरी बैग्स

जोधपुर.फैशन इंस्टीट्यूट एनआइएफटी ( Jodhpur NIFT ) की ओर से ग्रीनोथन सीरीज के उपलक्ष्य में पौधरोपण कार्यक्रम के तहत 'गो ग्रीन' ( 'Go Green' ) और 'स्वच्छता ही सेवा' ( 'Swachhata Hi Seva' ) कार्यक्रम के तहत सरदार दून स्कूल के स्टूडेंट्स ने निफ्ट ( NIFT ) कैम्पस में 201 पौधे लगाए ( plantation program )। एनआइएफटी डायरेक्टर ( Director of NIFT ) ने अपने स्टाफ को जूट के कैरी बैग्स ( jute carry bags ) वितरित किए।
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Oct 07, 2019
Plantation and distributed jute carry bags in Jodhpur NIFT campus 
Plantation and distributed jute carry bags in Jodhpur NIFT campus 

जोधपुर.फैशन इंस्टीट्यूट एनआइएफटी ( Jodhpur NIFT ) की ओर से ग्रीनोथन सीरीज के उपलक्ष्य में पौधरोपण कार्यक्रम के तहत 'गो ग्रीन' ( 'Go Green' ) और 'स्वच्छता ही सेवा' ( 'Swachhata Hi Seva' ) कार्यक्रम के तहत सरदार दून स्कूल के स्टूडेंट्स ने निफ्ट ( NIFT ) कैम्पस में 201 पौधे लगाए ( plantation program )। एनआइएफटी डायरेक्टर ( Director of NIFT ) ने अपने स्टाफ को जूट के कैरी बैग्स ( jute carry bags ) वितरित किए।

इस मौके पर एनआइएफटी के डायरेक्टर डॉ. विजया देशमुख ( Dr.Vijaya Deshmukh ) ने कहा कि पौधे लगाना और उनकी संभाल करना आज समय की मुख्य जरूरत है। क्योंकि जिस तेजी के साथ पेड़ों की कटाई की जा रही है, उससे वातावरण में बहुत असमानता आई है। यही नहीं, ग्लोबल वार्मिंग में भी बहुत बढ़ोतरी हुई है, जिसे रोकने के लिए सभी को पौधे लगाने होंगे। उन्होंने फैकल्टी, स्टाफ , हाउसकीपिंग स्टाफ व सुरक्षा विभाग के बीच जूट से निर्मित कैरी बैग वितरित किए। उन्होंने कहा कि हमें स्वच्छ भारत बनाना है और गांधीजी के सपनों को साकार करना है। इसके लिए एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक के उत्पादों को ना कहें। पॉलिथीन के इस्तेमाल की लोगों को ऐसी आदत पड़ चुकी है कि वो अक्सर कपड़े या जूट का थैला लेकर नहीं निकलते। उन्होंने बताया कि निफ्ट जोधपुर में मैस और कैन्टीन में प्लास्टिक उत्पाद बैन कर दिए गए हैं। इस मौके सभी ने यह शपथ भी ली कि वह प्लास्टिक का उपयोग नहीं करेंगे।

पर्यावरण सुरक्षा के लिए पौधे जरूर लगाएं
सरदार दून स्कूल की ओर से पौधरोपण कार्यक्रम के तहत सुश्री चारू चतुर्वेदी के सान्निध्य में विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। वहीं सरदार दून स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. मयूरी खत्री ने यह संदेश दिया कि जल आपदा का सबसे बड़ा कारण प़ेड़ों की कमी है। ग्लोबल वार्मिंग प्रति दिन तेज गति से बढ़ रही है। इसका कारण भी पेड़ों की कमी है। यदि हमें पर्यावरण को संतुलित रखना है तो पौधे जरूर लगाएं।

Published on:
07 Oct 2019 07:08 pm