जोधपुर

मारवाड़ में खूब कथाएं, फिल्मी नजर की जरूरत : भगवान तिवारी

ओसियां (जोधपुर) . मेहनत, लगन ओर आत्मविश्वास हो तो सफलता जरूर मिलती है लेकिन हम लोग मेहनत कम और सफलता जल्दी प्राप्त करना चाहते हैं।
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Nov 07, 2020
मारवाड़ में खूब कथाएं, फिल्मी नजर की जरूरत : भगवान तिवारी
कलाकार भगवान तिवारी

ओसियां (जोधपुर) . मेहनत, लगन ओर आत्मविश्वास हो तो सफलता जरूर मिलती है लेकिन हम लोग मेहनत कम और सफलता जल्दी प्राप्त करना चाहते हैं। यही हमारी कमजोरी है, यह विचार हिंदी फिल्म जगत फिल्मों के अलावा रंगमंच व कई विज्ञापनों में अपना लोहा मनवा चुके के जाने-माने कलाकार भगवान तिवारी ने ओसिया में पत्रिका के साथ बातचीत में रखे।

उन्होंने बताया कि वह मूल रूप से छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। घर वालों के बिना इच्छा के मुंबई चले आए। बाद में एक्टिंग का कोर्स कर रंग मंच की दुनिया में नाम कमाया।


मारवाड़ी फिल्मों के कम होते क्रेज पर उन्होंने कहा मारवाड़ के अंदर कथाएं बहुत है और हिंदी फिल्में जो बन रही है वह अधिकांश मारवाड़ की कहानियों के आधार पर बनती है। जैसे पद्मावती, रूदाली, महारानी लक्ष्मी बाई और जो अभी वे जिस फिल्म कि अभी शूटिंग कर रहे हैं सावरी, वह फिल्म राजस्थान की एक कहानी है लेकिन राजस्थान के डायरेक्टर पढ़े रुचि लें और जनता को वह चीज जो पसंद करते हैं, उस नजर से प्रस्तुत करे।

वर्तमान में चल रही सावरी फिल्म की कहानी पर बताया कि औरत को परेशान करने वाले समाज की एक कहानी है, जिसमे कई मोड़ आएंगे। कहानी में एक किन्नर का किरदार भी अहम है। उन्होंने मारवाड़ के लोगों की तारीफ की।

Published on:
07 Nov 2020 10:28 am