जोधपुर

पीएम मोदी ने राजस्थान हाईकोर्ट के प्लेटिनम जुबली कार्यक्रम को किया संबोधित, जानें संबोधन की 10 बड़ी बातें

पीएम मोदी (PM Modi) राजस्थान हाईकोर्ट के प्लेटिनम जुबली कार्यक्रम (Platinum Jubilee Program) में शामिल हुए। जानिए पीएम के संबोधन की 10 बड़ी बातें...

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Aug 25, 2024
कार्यक्रम को संबोधित करते पीएम मोदी

PM Modi in Jodhpur Rajasthan: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजस्थान हाईकोर्ट के प्लेटिनम जुबली कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए रविवार (25 अगस्त) जोधपुर पहुंचे। पीएम का विशेष प्लेन जोधपुर सैन्य एयर बेस पर करीब 4 बजे पहुंचा। यहां भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने पीएम की अगवानी की। इसके बाद पीएम राजस्थान हाईकोर्ट के प्लेटिनम जुबली कार्यक्रम के लिए रवाना हुए। राजस्थान हाईकोर्ट का प्लेटिनम जुबली कार्यक्रम शाम 4:30 बजे पर शुरू हुआ। पीएम मोदी ने राजस्थान हाईकोर्ट के संग्रहालय का वर्चुअल उद्घाटन किया। इसके बाद पीएम ने संबोधन की शुरुआत की।

इस दौरान मंच पर सीएम भजनलाल शर्मा, कानून और न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सहित अन्य मौजूद रहे। इधर, पीएम की सुरक्षा में जोधपुर शहर छावनी में तब्दील रहा। शहर व राजस्थान हाईकोर्ट के आसपास 2500 से अधिक केंद्रीय सुरक्षाबलों व राज्य पुलिसबलों की तैनाती की गई।

PM Modi के संबोधन की 10 बड़ी बातें

  • 1. पीएम ने यहां 10 मिनट देरी से पहुंचने पर खेद व्यक्त किया, कहा-महाराष्ट्र से निकला और वेदर के कारण समय से नहीं पहुंच पाया।
  • 2. पीएम ने कहा- राष्ट्रीय एकता हमारे ज्यूडिशियल सिस्टम का फाउंडेशन स्टोन है। प्रक्रियाएं उसे मुश्किल बना देती है , न्याय को ज्यादा सरल बनाएं।
  • 3. देश ने इस दिशा में कई ऐतिहासिक और निर्णायक कदम उठाए हैं। अप्रांसगिक कानूनों को रद्द किया है।
  • 4. इंडियन पीनल कोड की जगह 'भारतीय न्याय संहिता' को अडॉप्ट किया है। दंड की जगह न्याय यह भारतीय चिंतन का आधार है।
  • 5. नए भारत के हिसाब से नए इनोवेशन करें और अपनी व्यवस्थाओं को आधुनिक बनाएं। टेक्नोलॉजी बड़ा रोल निभा रही है। देश में 18 हजार से ज्यादा कोर्ट कम्प्युटराइज्ड हो गई है। नेशनल ज्यूडिशियल डेटा ग्रिड से 26 करोड़ से ज्यादा मुकदमों की जानकारी उपलब्ध है। जस्टिस फॉर ऑल भी उतना ही जरूरी है।
  • 6. देशभर की 1200 से ज्यादा जेल वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़ी है, इसको लेकर राजस्थान भी तेज गति से काम कर रहा है। ई फाइल, समन के लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म, यह सामान्य बदलाव नहीं है। कोर्ट के आगे चक्कर शब्द मैंडेटरी हो गया था - यानि एक ऐसा चक्कर जिसमें फंस गए कब निकलेंगे पता नहीं। दशकों बाद उस चक्कर को खत्म करने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं। न्याय को लेकर नई उम्मीद जगी है। इस उम्मीद को बनाए रखना है। लगातार रिफाॅर्म करते चलना है।
  • 7. पीएम ने मीडिएशन की सदियों पुरानी परम्परा का जिक्र किया। कहा - ऑल्टरनेटिव डिस्प्युट मैकेनिज्म बहुत कारगर है, ईज ऑफ जस्टिस को बढ़ावा देगी। सरकार ने इस संबंध में कई कदम उठाए हैं।
  • 8. हमारी न्याय पालिका ने राष्ट्रीय विषयों पर सक्रिय भागीदारी निभाई है। आर्टिकल 370 और सीएए जैसे मानवीय कानूनों का उदाहरण हमारे सामने हैं।
  • 9. 21 वीं सदी के भारत को आगे ले जाने में इंटीग्रेशन शब्द महत्वपूर्ण है। डेटा, ट्रांसपोर्ट, हेल्थ का इंटीग्रेशन। जो आईटी सिस्टम अलग-अलग काम कर रहे हैं उनका इंटीग्रेशन हो।
  • 10. स्थानीय भाषा में जजमेंट मिल सके इस पर काम चल रहा है, सुप्रीम कोर्ट के मार्गदर्शन में यह पहल हुई है। एक जजमेंट 18 भाषाओं में ट्रांसलेट हो सकता है। सरल, सहज और सुलभ न्याय की गारंटी हो।
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