
जोधपुर।
बजरी माफिया और पुलिस के बीच किस गहरा गठजोड़ है इसकी एक बानगी पुलिस स्टेशन विवेक विहार में जब्त अवैध बजरी से भरे डम्पर मामले में सामने आई है। अवैध बजरी खनन में पकड़े जाने के बाद भारी भरकम जुर्माना राशि से बचने के लिए कथित तौर पर डम्पर की नम्बर प्लेटें बदल दी गईं।अंदेशा है कि चार लाख रुपए जुर्माना राशि से बचने के लिए ऐसा किया गया है। शिकायत मिलने पर पुलिस ने गोपनीय जांच शुरू की है। फिलहाल डम्पर की नम्बर प्लेटें थाने लाए जाने से पहले बदलने की आशंका जताई जा रही है।
दरअसल, आरपीएस अधिकारी ने गत 30 अक्टूबर की अल-सुबह नदी के किनारे अवैध रूप से बजरी भर रहे एक डम्पर को पकड़ा था। विवेक विहार थाना पुलिस को मौके पर बुलाया गया था और फिर अवैध बजरी से भरे डम्पर को पुलिस को सौंप दिया गया था। सुबह करीब सात बजे पुलिस ने डम्पर जब्त कर लिया और थाने खड़ा करवा दिया गया।
नदी किनारे डम्पर पकड़ने और थाने लाए जाने के बीच बजरी माफिया ने पुलिस से कथित सांठ-गांठ कर ली। पुलिस से मिलकर डम्पर की नम्बर प्लेटें बदल दी गईं। पकड़े जाने वाले डम्पर पर बजरी रॉयल्टी कम्पनी के अधीन संचालित होने वाले डम्पर की नम्बर प्लेटें लगा दी गईं। तत्पश्चात डम्पर थाने में खड़ा करवा दिया गया।
ई-रवन्ना की वैधता अवधि समाप्ति के 5 मिनट बाद जब्त
पुलिस ने जो डम्पर पकड़ा था वह बजरी के अवैध खनन में लिप्त था। उसमें अवैध बजरी भरी हुई थी। फिर जिस डम्पर की नम्बर प्लेटें लगाईं गईं वो बजरी का वैध परिवहन करता है। वह दो व्यक्तियों के साझेदारी में संचालित होता है। पुलिस ने जिस समय डम्पर जब्त किया था उससे पांच मिनट पहले फर्जी नम्बर प्लेटें वाले डम्पर की ई-रवन्ना की वैधता अवधि समाप्त हो चुकी थी। जिसके बारे में डम्पर मालिक को जानकारी नहीं थी। यानि नम्बर प्लेटें बदलने के बाद भी ई-रवन्ना वैध नहीं माना जाएगा।
गोपनीय जांच कर रही पुलिस
यही वजह है कि नम्बर प्लेटें बदलने के बाद चार लाख रुपए जुर्माना लगने पर दोनों साझेदारों में आपस में मनमुटाव हो गया और वे एक-दूसरे पर आरोप लगाने लगे। एक साझेदार ने थानाधिकारी राजेन्द्रसिंह चारण को अवगत करवाया। तब उन्होंने गोपनीय जांच शुरू की। फिलहाल डम्पर के थाने पहुंचने से पहले गड़बड़ी होने की आशंका जताई जा रही है।
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सूचना मिली है, जांच कराई जा रही है...
'हां, ऐसी कोई सूचना मिली थी। थानाधिकारी को जांच करने के लिए कहा गया है। सहायक पुलिस आयुक्त को भी जांच के निर्देश दिए गए हैं। किसी की भूमिका सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी।'
गौरव यादव, पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) जोधपुर।