
जोधपुर.
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निजी मोबाइल पर देर रात वीडियो कॉल करने वाले युवक के व्हॉट्सएेप डीपी में पिस्तौल वाली फोटो होने से पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए थे और मोबाइल नम्बर के आधार पर कुड़ी भगतासनी थाना पुलिस ने तनावड़ा से युवक को गिरफ्तार किया था। वह मानसिक बीमार है। अब तक की पूछताछ में उसका कहना है कि फोटो में उसके पास एयरगन है और क्षेत्र की समस्या से अवगत कराने के लिए मुख्यमंत्री को कॉल किया था।
सूत्रों के अनुसार गत दो जनवरी की रात दस बजे अज्ञात नम्बर से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निजी मोबाइल नम्बर पर कॉल आए, लेकिन मुख्यमंत्री ने कॉल नहीं उठाए थे। यह मोबाइल नम्बर महत्वपूर्ण अधिकारियों व लोगों के पास ही है। कुछ देर बाद सीएम को व्हॉट्सएेप पर वीडियो कॉल भी किया गया था। जिसमें कॉलर की प्रोफाइल फोटो में हाथ में देसी हथियार नजर आ रहा था। सीएम ने सुरक्षा अधिकारियों को अवगत कराया।
मोबाइल नम्बर की जांच की गई तो कुड़ी भगतासनी थानान्तर्गत तनावड़ा गांव निवासी करण पिण्डेल का नाम सामने आया। पुलिस हरकत में आई और तनावड़ा निवासी करण पिण्डेल (२५) पुत्र कुंभाराम जाट को पकड़ लिया था। परिजन ने उसके मानसिक बीमार होने की जानकारी दी। करण को शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया। जिसे कार्यपालक मजिस्टे्रट ने पाबंद कर जमानत पर छोड़ दिया।
मोबाइल में प्रोफाइल फोटो में हथियार नजर आया। उसने अवगत कराया कि यह हथियार नहीं सिर्फ एयरगन है। हालांकि यह गन अभी तक पुलिस बरामद नहीं कर पाई है। उसने एयरगन किसी अन्य व्यक्ति से लाने की जानकारी दी है। पुलिस उससे भी जांच कर रही है।
मोबाइल नम्बर मिलने के बारे में अलग-अलग जवाब
मुख्यमंत्री के मोबाइल नम्बर किसने दिए इस बारे में पुलिस युवक से पूछताछ कर रही है। वह अलग-अलग जवाब दे रहा है। उसका कहना है कि भाजपा नेता के यहां शादी समारोह में किसी ने दिए थे। उसने चुनाव प्रचार के दौरान भी किसी से यह मोबाइल नम्बर मिलने की जानकारी दी है। पुलिस इस संबंध में तस्दीक की जा रही है। उसका कहना है कि तनावड़ा में सडक़ बनवाने के लिए उसने मुख्यमंत्री को कॉल किए थे।