जोधपुर

दक्षिण की शहरी सरकार में सियासी ‘तालाबंदी’

- नगर निगम दक्षिण के कांग्रेसी पार्षदों का धरना - विरोध स्वरूप महापौर कक्ष को ताला लगाया - भाजपा पार्षदों ने ताला तोड़ महापौर को प्रवेश करवाया  
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Dec 17, 2020
दक्षिण की शहरी सरकार में सियासी ‘तालाबंदी’
दक्षिण की शहरी सरकार में सियासी ‘तालाबंदी’

जोधपुर.
पहली बार बनी दो शहरी सरकारों ने कामकाज करते हुए एक माह से अधिक समय गुजार दिया है। अब सियासी रंग भी नजर आने लगा है। निगम दक्षिण में गुरुवार को ‘तालाबंदी’ का नाटकीय घटनाक्रम हुआ। कांग्रेस पार्षदों ने पहले सांकेतिक धरना दिया और फिर महापौर कक्ष पर ताला लगा दिया। महापौर ने इसके बाद अपना दफ्तर पोर्च में ही लगा लिया। कर्मचारियों का सम्मान समारोह भी वहीं हुआ। इसके बाद भाजपा पार्षदों व कर्मचारियों ने मिलकर महापौर कक्ष का ताला तोड़ा।

कांग्रेस पार्षद दल ने नगर निगम में विवाह व जन्म-मुत्यु के प्रमाण पत्र में देरी होना और शहर में सफाई व्यवस्था के बिगडऩे का आरोप लगाते हुए नेता प्रतिपक्ष गणपतसिंह के नेतृत्व में धरना दिया। साथ ही आरोप लगाया कि सफाई कर्मचारी लगाने में भी भेदभाव किया जा रहा है। भाजपा पार्षदों के वार्ड में सफाई कर्मचारी ज्यादा और कांग्रेस वार्ड में कम लगाए हैं। साथ ही अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई में भी यही पक्षपात किया जा रहा है। इस धरने के बाद कांग्रेस पार्षदों ने विरोध स्वरूप महापौर कक्ष पर ताला लगा दिया। उस समय महापौर निगम में मौजूद नहीं थी।
पोर्च में लगाया कार्यालय

कक्ष पर ताला होने के कारण महापौर वनिता सेठ ने बाहर पोर्च में ही टेबल-कुर्सी लगा कार्यालय बना लिया। नगर निगम के जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र व अन्य विंग के अच्छे कार्य करने वाले कार्मिकों का सम्मान भी कक्ष के बाहर पोर्च में किया गया।
फिर तोड़ा ताला

बाद में भाजपा पार्षदों व नगर निगम के कर्मचारियों ने महापौर कक्ष पर लगा ताला तोड़ा और महापौर को अंदर प्रवेश करवाया। ताला तोडऩे समय एक भाजपा पार्षद को हल्की सी चोट भी आ गई।
3500 थी पेंडेंसी

महापौर सेठ ने बताया कि जब नगर निगम दक्षिण में भारतीय जनता पार्टी का बोर्ड बना था, उस समय 3500 से अधिक जन्म मृत्यु एवं विवाह पंजीयन के मामले लंबित थे। कार्यभार संभालते ही इस पेंडेंसी को खत्म करने के निर्देश दिए थे। जिस पर कर्मचारियों ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए लंबित मामलों का निस्तारण कर दिया। कांग्रेस पार्षद दल अनावश्यक रूप से कर्मचारियों और अधिकारियों पर दबाव बनाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रहा है। धरना यह साबित करता है कि कांग्रेस अतिक्रमणकारियों के समर्थन में है।

Published on:
17 Dec 2020 08:20 pm