जोधपुर

जादूगरी या मजबूरी : गहलोत के घर में सियासी सुकून, अटकलों का बाजार गर्म

- पायलट खेमा नहीं आया खुल कर सामने- जोधपुर के विधायकों ने कांग्रेस पार्टी के निर्णयों का किया स्वागत
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Jul 15, 2020
जादूगरी या मजबूरी : गहलोत के घर में सियासी सुकून, अटकलों का बाजार गर्म
जादूगरी या मजबूरी : गहलोत के घर में सियासी सुकून, अटकलों का बाजार गर्म

जोधपुर. राजस्थान की सियासत में आए भूचाल का असर मारवाड़ की राजनीति पर पडऩा स्वाभाविक है। कांग्रेस की सरकार है और सीएम अशोक गहलोत की यहां पकड़ मजबूत है। हालांकि कुछ नेता सीधे सचिन पायलट के सम्पर्क में हैं। लेकिन मंगलवार को हुए घटनाक्रम में वह सामने नहीं आए। संभाग के छह जिलों में पाली कांग्रेस जिलाध्यक्ष चुन्नीलाल चाड़वास का इस्तीफा जरूर आया है। इसके अलावा गहलोत गुट के विधायक और अन्य नेताओं ने कांग्रेस के निर्णयों का स्वागत किया है। कई विधायकों ने नई नियुक्तियों का स्वागत भी अपने सोशल मीडिया हैंडल पर किया है।

प्रदेश में हुए सियासी उठापटक का फिलहाल मारवाड़ पर कोई खास नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा है। जोधपुर के सभी कांग्रेसी विधायक गहलोत खेमे में है और उनके प्रति निष्ठा दिखा चुके हैं। नई नियुक्तियों पर बधाइयों का तांता लगा और अब मंत्रिमंडल फेरबदल या विस्तार के साथ अन्य नियुक्तियों पर भी नजर है। जोधपुर में कोई पायलट समर्थक बड़े पद नहीं था, इसलिए कोई इस्तीफा नहीं हुआ। इधर, जयपुर की होटल में प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के साथ जोधपुर के विधायकों के फोटो भी सामने आए हैं। सोशल मीडिया पर फोटो जारी कर शहर विधायक मनीषा पंवार ने उनको बधाई दी है।

Updated on:
15 Jul 2020 12:30 pm
Published on:
15 Jul 2020 12:30 pm