
जोधपुर. केंद्रीय जलशक्ति मंत्री व जोधपुर सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि गरीबों के घर में पानी पहुंचे और माताओं-बहनों को मटका उठाकर चलने से मुक्ति मिले, क्या ये राज्य सरकार की प्राथमिकता है या नहीं? विफलताओं का ठीकरा दूसरों पर फोडऩे के बजाय राज्य सरकार जल जीवन मिशन पर गंभीरता के साथ काम करें।
शेखावत रविवार को यहां पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पहले राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम में पूरे देश का बजट 5 हजार करोड़ रुपए होता था, लेकिन अब साढ़े तीन लाख करोड़ का बजट लेकर हर घर तक पीने का पानी पहुंचा रहे हैं। राज्य सरकारों ने बढ़े हुए पैसों को रेवडिय़ां बांटने में खर्च किया, इसी कारण ये परिस्थितियां पैदा हुई। राज्य सरकार के जलदाय मंत्री व सीएम यह स्पष्ट करे कि केंद्रीय कर राजस्व में राज्यों की 32 से 42 प्रतिशत हिस्सेदारी बढऩे से जो पैसा आया, उसे जल जीवन मिशन में क्यों नहीं लगाते।
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पलटवार - राजस्व मंत्री चौधरी ने लगाया केंद्रीय मंत्री शेखावत पर धोखा करने का आरोप
जोधपुर. राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने केंद्र सरकार पर विकास योजनाओं में राजस्थान के साथ धोखा करने का आरोप लगाया है। चौधरी यहां पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय मंत्री शेखावत के जलशक्ति मंत्री होते हुए भी पश्चिमी राजस्थान की समस्याओं का निवारण नहीं हो रहा। कई योजनाएं बंद कर दी गई और जो चल रही है उनमें नियम पेचिदा कर दिए कि आमजन एवं ग्रामीण क्षेत्र में उसका लाभ नहीं पहुंच सकता।
चौधरी ने कहा कि जल जीवन मिशन योजना जिसका उद्देश्य हर घर तक जल पहुंचाना है, लेकिन इसके प्रावधान ऐसे हैं कि वंचित सभी ढाणियों को नहीं जोड़ा जा सकेगा। योजना में 20 घरों के समूह या 100 व्यक्तियों के निवास समूह को ही लक्ष्य समूह निर्धारित किया गया है। जबकि राजस्थान राज्य का औसत जनसंख्या घनत्व 200 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है। बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, नागौर जिलों में यह घनत्व और भी कम है। ऐसे में योजना का क्रियान्वयन मुश्किल है। उन्होंने कहा कि इस योजना में केंद्र सरकार की हिस्सा राशि 50 प्रतिशत व 10 प्रतिशत लाभार्थी से लेने का भी प्रावधान किया है। गरीब किसान से हजारों रुपए पानी कनेक्शन के लिए लेना उचित नहीं है।