जोधपुर

एमडीएम अस्पताल में 7 साल पहले बने जनाना विंग के हाल देख उड़ जाएंगे होश, मंडरा रहा संक्रमण का खतरा

मथुरादास माथुर अस्पताल में सात वर्ष पूर्व बनी जनाना विंग की दीवारों पर लगी टाइल्स उखड़ रही है। कई जगह फॉल्स सीलिंग गिर रही है। इसके अलावा बारिश के मौसम और अन्य दिनों में भी छत और दीवारों में सीलन आम बात है। बिजली बोर्ड वाले स्थानों पर भी पानी का रिसाव होने से करंट का खतरा बना हुआ है।
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poor condition of janana wing at MDM hospital jodhpur
एमडीएम अस्पताल में 7 साल पहले बने जनाना विंग के हाल देख उड़ जाएंगे होश, मंडरा रहा संक्रमण का खतरा

जोधपुर. मथुरादास माथुर अस्पताल में सात वर्ष पूर्व बनी जनाना विंग की दीवारों पर लगी टाइल्स उखड़ रही है। कई जगह फॉल्स सीलिंग गिर रही है। इसके अलावा बारिश के मौसम और अन्य दिनों में भी छत और दीवारों में सीलन आम बात है। बिजली बोर्ड वाले स्थानों पर भी पानी का रिसाव होने से करंट का खतरा बना हुआ है। इन हालातों के बावजूद अस्पताल प्रशासन और पीडब्ल्यूडी मूक दर्शक बने हुए हैं।

शहर में इन दिनों वायरस व बेक्टीरिया जनित बीमारियों का प्रकोप है। दूसरी तरफ अस्पताल के वार्डों के बाहर रखे कचरा पात्र भरे पड़े है। इन कचरा पात्रों में बायोवेस्ट भी है। इससे संक्रमण का भी खतरा है। जबकि जनाना विंग में छोटे बच्चे और प्रसूताएं ही आती हैं। इनकी इम्यूनिटी पहले से ही कम होती है। ऐसे में ये लापरवाही मरीजों को और बीमार कर रही है। मरीजों के परिजन ने ‘पत्रिका’ को बताया कि जनाना विंग में नियमित सफाई तक नहीं होती। इससे कचरा पात्र भी बदबू मारते हैं।

इनका कहना है...
पीडब्ल्यूडी को चार से पांच बार पत्र लिखे हैं। जनाना विंग में सुरक्षा के लिहाज से जल्द काम कराने को कहा है। पीडब्ल्यूडी के पास बजट भी आ गया है। गंदगी के बारे में पता करवाउंगा।
- डॉ. महेन्द्रकुमार आसेरी, अधीक्षक, एमडीएमएच

Published on:
18 Oct 2019 02:16 pm