
लोहावट. लोहावट कस्बे का उप डाकघर 70 वर्ष से किराए के भवन में संचालित हो रहा है। जबकि उप डाकघर भवन के लिए आवंटित भूखण्ड खाली पड़ा है। स्टेशन रोड स्थित किराए के भवन में एक हॉल में संचालित उप डाकघर में जगह की कमी से कर्मचारियों और ग्राहकों को भी परेशानी होती है। बारिश में छत से पानी टपकता है और प्लास्टर भी गिरता है। इस कारण हरदम हादसे का अंदेशा रहता है। उप डाकघर भवन की दूसरी मंजिल पर होने से ग्रामीणों को सीढियां चढ़कर जाना-आना पड़ता है। इस कारण पेंशनर्स, महिलाओं और वृद्धजनों को परेशानी होती है। उप डाकघर में सुविधाओं के अभाव में ग्रामीणों को खासी परेशानी होती है। इसके अलावा निजी बसों का स्टैण्ड भी उप डाकघर के आगे होने के कारण यहां पर दिनभर वाहनों का जमावड़ा रहता है। आवाजाही में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। हांलाकि पंचायत की ओर डाकघर की जमीन उपलब्ध करवा दी गर्इ है। लेकिन, अभी तक खुद के भवन में स्थानातंरित को लेकर धरातल पर कोई गंभीर प्रयास नहीं किए जा रहे है। इस कारण यह मामला काफी समय से अटका हुआ है। इस मामले को कई बार जनप्रतिनिधियों को भी अवगत करवाया, लेकिन स्थिति में जस की तस बनी हुई है।
खाली पड़ा है भूखण्ड
लोहावट कस्बे में उप डाकघर के लिए ग्राम पंचायत की ओर से सितम्बर 1979 में नई सड़क पर साढ़े छह हजार वर्ग फीट जमीन आवंटित की गई थी। इस जमीन पर वर्षों बाद भी डाक विभाग ने भवन का निर्माण नहीं करवाया। डाक विभाग ने इस भूखण्ड पर अपने स्वामित्व का बोर्ड लगा रखा है।
यह गांव जुड़े हैं उप डाकघर से
लोहावट उप डाकघर से क्षेत्र की नौ ग्राम पंचायतें जुड़ हैं और कई गांवों में डाक का आदान-प्रदान व डाक सम्बंधी कार्य सम्पादित होते हैं। इनमें लोहावट विश्नावास, लोहावट जाटावास, मूलराज, हंसादेश, रूपाणा-जेताणा, ढेलाणा, पल्ली, सामराऊ, जंभेश्वरनगर ग्राम पंचायत शामिल है।
फैक्ट फाइल
उप डाकघर संचालन करीब-70 वर्ष से
भवन के लिए जमीन का आंवटन- सितंबर -1979
उप डाकघर से जुडी ग्राम पंचायतें-9
कुल जमीन आंवटित-साढ़े छह हजार वर्ग फीट
पंजीकृत डाक-90 100 प्रतिदिन
साधारण डाक-300-400 प्रतिदिन