जोधपुर

दो माह पूर्व दफनाए शव का दोबारा किया पोस्टमार्टम, यह थी वजह

भावी . ग्राम पंचायत हरियाडा के एक स्कूली छात्र के आत्महत्या करने के मामले में करीब 2 माह पहले दफनाए गए शव को सोमवार को बाहर निकाल कर मेडिकल टीम ने पुन: पोस्टमार्टम किया।    
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Dec 17, 2019
Postmortem of dead body buried two months ago
दो माह पूर्व दफनाए शव का दोबारा किया पोस्टमार्टम, यह थी वजह

भावी (जोधपुर). ग्राम पंचायत हरियाडा के एक स्कूली छात्र के आत्महत्या करने के मामले में करीब 2 माह पहले दफनाए गए शव को सोमवार को बाहर निकाल कर पुलिस व परिजनों की मौजूदगी में जोधपुर से आई मेडिकल टीम ने पुन: पोस्टमार्टम किया।


पुलिस उपअधीक्षक व जांच अधिकारी हेमंत नोगिया ने बताया कि हरियाडा गांव के स्कूली छात्र रामचन्द्र मेघवाल के आत्महत्या करने के मामले में परिजनों द्वारा बिलाड़ा मेडिकल बोर्ड के पोस्टमार्टम की रिपोर्ट से असंतुष्ट होकर संदेह जताते हुए पुन: पोस्टमार्टम करवाने की गुहार लगाई थी।


मृतक रामचन्द्र के परिजनों ने आईजी व जिला कलक्टर से मिलकर दुबारा पोस्टमार्टम करवाने की मांग की थी। जिस पर जिला कलक्टर प्रकाश राजपुरोहित ने आदेश जारी कर बिलाड़ा एसडीएम रविन्द्र कुमार चौधरी को मृतक के शव का पोस्टमार्टम दुबारा करवाने को लेकर मजिस्ट्रेट नियुक्त किया।


सोमवार को पुलिस, परिजनों व प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में मृतक छात्र रामचन्द्र का शव बाहर निकलवा कर श्मशान घाट पर ही जोधपुर से आई एसएन मेडिकल कॉलेज की फॉरेंसिक टीम ने पुन: पोस्टमार्टम कर विसरा लिए।


पुलिस के अनुसार दूसरी पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के आधार पर पुन: जांच शुरु की जाएगी। कार्यवाही के दौरान जोधपुर से आई डॉ. बिनाका गांधी, डॉ. आकांक्षा, डॉ. अखिलेश, एसडीएम रविंद्र कुमार चौधरी, पुलिस उपअक्षीक्षक हेमंत नोगिया, थानाधिकारी मनीष देव, सोमप्रकाश, लखपत, भीम आर्मी अध्यक्ष अजय जयपाल, नारायणलाल रेपड़ावास आदि मौजूद रहे।

दुबारा पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू होने से पहले पुलिस उपअधीक्षक हेमन्त नोगिया ने मृतक छात्र रामचन्द्र मेघवाल के घर व घटनास्थल का मौका मुआयना किया। साथ ही मौजूद ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली। वहीं परिजनों व ग्रामीणों के बयान दर्ज किए गए।


एक नजर पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर
मृतक रामचन्द्र मेघवाल की गत 19 अक्टूबर को मौत हुई थी, जिसका पोस्टमार्टम बिलाड़ा के चिकित्सकों की टीम ने किया। परिजनों के अनुसार मृतक रामचंद्र ने अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगाई थी जबकि पहली पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में मृतक छात्र रामचन्द्र की हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आने से झुलसने के संकेत दिए गए थे। दोनों तथ्यों में काफी अंतर होने की वजह से परिजनों ने दुबारा पोस्टमार्टम करवाया।

मृतक के साथ आत्महत्या से पूर्व स्कूल परिसर में तीन नामजद छात्रों द्वारा मारपीट की थी, उसका भी पहले वाली पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में किसी भी बाहरी चोट का हवाला नहीं दिया गया था। घर के आंगन में जहां मृतक झुलसा हुआ मिला वहां आसपास किसी प्रकार की हाई वोल्टेज लाइन के तार नहीं पाए गए। यह सभी तथ्य पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर संदेह पैदा कर रहे थे ।

Published on:
17 Dec 2019 12:10 pm