
रणवीर चौधरी/जोधपुर. जिला प्रशासन व नगर निगम के अधिकारियों के करीब 6 माह तक निगम चुनाव के लिए की गई युद्ध स्तर की तैयारियां शुक्रवार को धरी रह गई। जब सरकार ने जोधपुर में दो महापौर और फिर से वार्डों के पुनगर्ठन की घोषणा की। एक तरफ जहां जिला प्रशासन ने करीब तीन माह तक 100 वार्डों में घर-घर जाकर मतदाता सूची तैयार की। शुक्रवार को अधिकारी मतदाता सूची को अंतिम रूप दे रहे थे।
इसके साथ ही इवीएम मशीनों की एफएलसी और मतदान सामग्री के वितरण का कार्य शुरू कर दिया था। इधर नगर निगम के अधिकारियों ने 6 माह तक वार्डों का सीमांकन कर 100 वार्डो की सूची जारी की। इसके बाद अधिकारी चुनाव से पहले शहर की सडक़ों व सीवरेज लाइनों के मरम्मत कार्य में जुट गए। लेकिन दोनों विभागों के 6 माह की मेहनत पर पानी फिर गया।
अब जिला प्रशासन को मतदान सूची को फिर से तैयार करने के बाद चुनाव की तैयारी करनी होगी। वहीं निगम अधिकारियों को नगर निगम (उत्तर व दक्षिण) के 160 वार्डों का सीमांकन करना होगा। इस बीच चुनाव से पहले मंत्रियों के दौरे, दो दर्जन से ज्यादा लोकार्पण व सडक़ों व सीवरेज लाइन के मरम्मत कार्यों से लोगों को राहत मिली।
ये किए प्रमुख कार्य
1. 500 से ज्यादा कर्मचारियों ने तैयार की अंतिम मतदाता सूची
राज्य निर्वाचन विभाग के निर्देश पर जिला प्रशासन के करीब 500 से ज्यादा अधिकारी व कर्मचारियों ने तीन माह तक 100 वार्डों में घर-घर जाकर मतदाता सूची की सत्यापन कर 14 सितंबर को 7.15 लाख मतदाताओं की पहली सूची तैयार की। इसके बाद करीब 10 हजार आपत्तियों का निवारण कर शुक्रवार को अंतिम मतदाता सूची तैयार की गई।
2. 3 हजार से ज्यादा ईवीएम की एफएलसी
नगर निगम चुनाव के 649 मतदान केंद्र चिन्हित किए थे। जहां मतदान के लिए करीब 3200 ईवीएम मशीन मंगवाई गई। ईवीएम मशीनों के एफएलसी का काम भी शुरू हो गया था।
3.चुनाव अधिकारियों को जिम्मेदारी बांटी
जिला प्रशासन ने चुनाव करवाने के लिए करीब 27 प्रकोष्ठ बनाकर अधिकारियों को नियुक्त कर दिया था। इसके साथ ही निगम में आने वाली तीन विधानसभा क्षेत्रों के आरओ, एआरओ, मतदान दल और मतगणना दल की भी नियुक्ति कर दी गई। एनआइसी ने चुनाव करवाने के लिए एक सॉफ्टवेयर भी तैयार किया गया। जिसका हाल ही में जिला कलक्टर द्वारा शुभारंभ किया गया।
4. मतदान सामग्री का वितरण शुरू
मतदान के लिए 50 प्रतिशत मतदान सामग्री मंगवा कर उनका वितरण शुरू कर दिया गया था। इसके बाद अगामी 22 अक्टूबर को बाकी मतदान सामग्री आने वाली थी।
5. दो दर्जन अधिकारियों ने चार माह में वार्डो के पुनर्गठन
निगर निगम के करीब 50 से ज्यादा अधिकारियों ने चार माह तक 65 वार्डो का सीमांकन कर 100 नए वार्डों की सूची जारी की। इस दौरान वार्डों की सूची और नक्शों में कई बार संशोधन भी हुआ। अब निगम अधिकारियों को फिर से वार्डों का सीमाकंन कर 160 नए वार्डो की सूची जारी करनी होगी।
चुनाव आए तो 51 करोड़ सडक़ों पर खर्च
जेडीए, निगम व पीडब्ल्यूडी विभाग ने बारिश के बाद 51 करोड़ के टेंडर जारी कर सडक़ों की मरम्मत व निर्माण कार्य करवाए। इसके साथ ही 30 से ज्यादा सीवरेज लाइनों के मरम्मत का कार्य भी किया गया। इधर चुनाव से पहले विकास कार्य में तेजी लाने के लिए महापौर ने अधिकारियों को कलक्टर के साथ दौरे में नहीं जाने के निर्देश भी दिए थे।
बड़े नेताओं के दौरे, दो दर्जन लोकार्पण
निगम चुनाव को लेकर शहर में राजनीतिक हलचल बढ़ गई थी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत सहित कई बड़े नेताओं ने हाल ही में जोधपुर के कई दौरे किए थे। इस दौरान मंत्रियों के साथ एमएलए ने करीब दो दर्जन से ज्यादा सडक़ों व पार्को के लोकार्पण किए थे।
अब 50 महापौर व ढाई हजार पार्षद के दावेदार
निगर निगम चुनाव में महापौर व पार्षद के लिए दावेदारों की तीन गुणा हो गई हैं। इससे पहले जहां कांग्रेस महापौर के भाजपा व कांग्रेस के दो दर्जन उम्मीदार दावेदारी की दौड़ में थे। अब महापौर के दो पदों के 50 से ज्यादा दावेदार होंगे। इधर पार्षद के लिए कांग्रेस के नामांकन पत्र के अनुसार करीब 700 ने दावेदारी की थी। हालांकि भाजपा ने अभी औपचारिक फार्मेट जारी नहीं किया था, लेकिन 200 ने दावेदारी की थी, अगर औपचारिक फार्म जारी किया जाता तो यह संख्या 500 से ज्यादा होती। अब 160 वार्डों पर दावेदारों की संख्या ढाई हजार से ज्यादा हो जाएगी।