जोधपुर

rajasthan high court : मातहत कार्मिकों के लिए सीवीसी की पूर्व अनुमति आवश्यक नहींः

जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट ने दो याचिकाएं खारिज करते हुए व्यवस्था दी है कि ग्रामीण बैंक के स्केल पांच के नीचे के अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ एक ही मामले में यदि आपराधिक प्रकरण दर्ज होता है और अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत आरोप पत्र जारी करना है तो केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) से पूर्व अनुमति या राय लेने की कोई आवश्यकता नहीं है।
less than 1 minute read
Feb 20, 2023
rajasthan high court : मातहत कार्मिकों के लिए सीवीसी की पूर्व अनुमति आवश्यक नहींः
rajasthan high court : मातहत कार्मिकों के लिए सीवीसी की पूर्व अनुमति आवश्यक नहींः

न्यायाधीश डाॅ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी की एकल पीठ में राजेश कुमार मीणा और अन्य की ओर से कहा गया कि उनके नियोक्ता राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक ने एक ही तरह के मामलों में पुलिस में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करवाई और अनुशासनात्मक अधिकारी ने चार्जशीट भी जारी की है, लेकिन बैंक के सेवा विनियम 43 के तहत भ्रष्ट आचरण में चार्जशीट जारी करने से पूर्व केंद्रीय सतर्कता आयोग से राय और पूर्व अनुमति नहीं ली है। इसीलिए आरोप पत्र क्षेत्राधिकार से बाहर होने से अनुशासनात्मक कार्रवाई को रद्द किया जाए। बैंक की ओर से अधिवक्ता अनिल भंडारी ने कहा कि विनिमय 43 बैंक के स्केल पांच और उसके ऊपर के स्तर के अधिकारियों पर ही लागू होता है और बैंक का ही मुख्य सतर्कता अधिकारी अनुमोदन के लिए सक्षम है। एकल पीठ ने कहा कि याची स्केल पांच का अधिकारी नहीं होकर लिपिकीय वर्ग का होने से बैंक सेवा विनियम 43 के प्रावधान उस पर लागू नहीं होते हैं।

Published on:
20 Feb 2023 11:30 pm