
जोधपुर. राज्य सरकार की ओर से यात्री परिवहन बसों के यात्री कर में वृद्धि के विरोध में बुधवार जोधपुर प्राइवेट बस ऑनर्स एसोसिएशन सहित अन्य निजी बस संगठनों के आह्वान पर जोधपुर जिले में करीब 1600 निजी बसों का संचालन नहीं हुआ। इससे करीब 40 लाख रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ। बस ऑपरेटर्स ने जिला कलक्टर को मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन सौंपा।
हड़ताल की वजह से ऑल इंडिया परमिट, ग्रामीण सहित सभी रूटों पर निजी बसों का संचालन नहीं हुआ और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बारहवी रोड चौराहा, कालवी प्याऊ, पावटा, बॉम्बे मोटर्स सहित अन्य क्षेत्रों से प्राइवेट बसों से यात्रा करने वाले लोग बसें नहीं आने से परेशान नजर आए।
निजी बसों में यात्रा करने वाले लोगों ने रोडवेज बसों की ओर रुख किया। हालांकि रोडवेज की ओर से नियमित शेड्यूल के अलावा किसी रूट पर अतिरिक्त बस नहीं चलाई गई। ऐसी स्थिति में कई लोगों को रोडवेज बसों की छत पर बैठकर यात्रा करनी पड़ी।
बस ऑपरेटर्स ने जताई चिंता
जोधपुर प्राइवेट बस ऑनर्स एसोसिएशन के सचिव प्रेम जैन ने बताया कि उपनगरीय परिवहन सेवा का प्रस्तावित कर पूर्व में 2750 रुपए था। अब नए प्रस्ताव में यह कर 16875 रुपए हो जाएगा। इससे 14 हजार रुपए की वृद्धि हो जाएगी और नगरीय परिवहन सेवा का संचालन नामुमकिन हो जाएगा। एसोसिएशन की ओर से कलक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।
वहीं ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट बस ऑनर्स एसोसिएशन के मनीष जैन, जफर खान ने बताया कि स्टेज कैरेज परिवहन सेवा में 8500 रुपए मासिक कर लगता था, जो अब नया प्रस्तावित कर 16875 रुपए हो जाएगा। इससे 8275 रुपए मासिक कर वृद्धि से ग्रामीण यात्री किराया बढ़ाना होगा व ग्रामीण यात्रा महंगी हो जाएगी। एसोसिएशन की ओर से कलक्टर को मुख्यमंत्री व परिवहन मंत्री को ज्ञापन सौंप राहत की मांग की गई।
निजी बस संचालन वर्गीकरण-- बसें
ऑल इंडिया परमिट बसें--- 600
ग्रामीण रूट पर संचालित बसें-- 800
जोधपुर-जैसलमेर रूट पर बसें- 100
टूरिस्ट बसें--- 100
धुधाड़ा में भी रही हड़ताल
सरकार की ओर से निजी बस संचालकों पर रूट पर चलने वाली बसों के टैक्स में बढ़ोतरी किए जाने के विरोध में धुंधाड़ा होते हुए जालोर, पाली, जोधपुर सहित विभिन्न रूट पर चलने वाली दर्जनों निजी बसें बुधवार को बंद रही, जिससे यात्रियों को परेशानियां का सामना करना पड़ा।