
जोधपुर. शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) के तहत जिले की तीन निजी स्कूलों ने सत्र 2016-2017 में सरकारी स्कूल में पढ़ रहे विद्यार्थी को खुद के यहां अध्ययनरत बता राज्य सरकार से पुनर्भरण राशि वसूल ली। घोटाले का खुलासा होने के बाद प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने संबंधित विद्यालयों से शत प्रतिशत राशि वसूलने के आदेश दिए हैं। शिक्षा विभाग की ओर से इन विद्यालयों के विरुद्ध एफआइआर दर्ज कराई जाएगी और मान्यता समाप्ति के प्रस्ताव निदेशालय को भेजे जाएंगे।
विभाग की रिपोर्ट अनुसार राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद् की ओर से जारी सूची में राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक स्कूल बालेसर दुर्गावता में अध्ययनरत छात्रा दुर्गा को शारदा आदर्श उच्च प्राथमिक स्कूल बालेसर दुर्गावता ने अपने और राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय हनुमान नगर फींच (लूणी) की छात्रा प्रियंका को बालाजी उच्च प्राथमिक विद्यालय फींच (लूणी) ने अपने यहां अध्ययनरत बताया। राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय मालियों का बास फलोदी में अध्ययनरत सागर को फलोदी के ही न्यू टैगौर माध्यमिक विद्यालय ने अपने यहां पढऩा बताया। इनके पुनर्भरण का विवरण उपलब्ध नहीं हो पाया, लेकिन सरकार ने इस मामले को गबन माना है। डीईओ माध्यमिक में भी ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिन पर भी कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही अन्य खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।
आधार कार्ड ने खोले मामले
प्रत्येक निजी व सरकारी स्कूल ने विद्यार्थियों का आधार कार्ड अनिवार्य है। आधार कार्ड के नंबर ऑनलाइन किए जाते हैं। सत्र 2016-2017 में ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत एक आधार कार्ड नंबर दो स्कूलों में बोलने पर शिक्षा विभाग ने जांच शुरू की। इसमें फर्जीवाड़ा सामने आया है। इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की तैयारियां की जा रही है।
इनका कहना
इन मामलों को सरकार ने गंभीरता से लिया है। दोषी स्कूलों के सचिव दस दिन के भीतर शिक्षा निदेशक के समक्ष उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देंगे।
मदनलाल विश्नोई, जिला आरटीई प्रभारी