
संगठन के मंत्री मधुसुदन जोशी ने सीएम को भेजे ज्ञापन में बताया कि मलार व बाप रिण करीब ४० भूखण्डधारी अपनी लीज नवीनीकरण की कार्रवाई समय पर नहीं करवा सके। देरी के कारण नवीनीकरण के लिए उद्योग विभाग द्वारा विलम्ब शुल्क लिया जाता है। वर्तमान हालात ये है यहां का नमक उद्योग दम तोडऩे के कगार पर है तथा यहां के नमक उत्पादक विलंब शुल्क जमा करवाने में सक्षम नहीं है। उन्होंने लीज नवीनीकरण से वंचित रहे नमक उत्पादकों की नवीनीकरण कार्रवाई के लिए विलंब शुल्क मुक्त रखने की मांग की है। उन्होंने बताया कि नमक उत्पादन भूखण्डों पर विद्युत कनेक्शन लेने के लिए 150 रुपए प्रति मीटर विद्युत पोल से भूखण्ड तक की डिमाण्ड राशि ली जाती थी, लेकिन पूर्व में सरकार द्वारा 150 रुपए प्रति मीटर के अलावा डीपी शुल्क वसूलने के आदेश कर दिए गए है। जिसके भूखण्डधारी परेशानी में है। उन्होंने इन नियमों में परिवर्तन करके नमक उत्पादकों को राहत दिलाने की मांग की है। (कासं)
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