जोधपुर

आधी अधूरी तैयारियों के बीच जेएनवीयू में प्रोविजनल प्रवेश शुरू

- कई छात्रों के लिंक नहीं खुले- बीकॉम ऑनर्स व इंजीनियरिंग के लिए गाइडलााइन नहीं - गावों में इंटरनेट नहीं होने से छात्र हुए परेशान
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Jun 23, 2020
 आधी अधूरी तैयारियों के बीच जेएनवीयू में प्रोविजनल प्रवेश शुरू
आधी अधूरी तैयारियों के बीच जेएनवीयू में प्रोविजनल प्रवेश शुरू

जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय में प्रोविजनल प्रमोट के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई। विवि द्वारा आधी-अधूरी तैयारियों के बीच निर्णय करने से सोमवार को कई छात्रों के लिंक नहीं खुले, जबकि कई जगह सर्वर अटक रहा था। गावों में इंटरनेट नहीं होने से छात्र परेशान हुए। बीकॉम ऑनर्स और इंजीनियरिंग छात्रों के लिए गाइडलाइन नहीं होने से ऐसे छात्रों ने विवि प्रशासन ने मुलाकात कर अपनी मांगें रखी।

संकायों में स्पष्ट दिशा निर्देश नहीं
इसके अलावा गत वर्षों के ड्यू पेपर के कारण भी आवेदन में दिक्कतें पेश आई। इसके कारण काफी संख्या में विद्यार्थी संकायों में चक्कर लगाते नजर आए। संकायों में कोई स्पष्ट दिशा निर्देश नहीं थे। उधर ग्रामीण छात्रों ने प्रोविजनल प्रवेश के साथ एक साथ प्रवेश शुल्क जमा कराने को लेकर भी एतराज जताया। विवि में एसएफएस सीटों पर १० हजार से अधिक प्रवेश शुल्क है जबकि बीएबीएड/बीएससी बीएड के छात्रों को २५ हजार रुपए जमा करवाने पड़ेंगे।

फेल होने पर छात्र का प्रवेश रद्द
लॉकडाउन के कारण 19 मार्च के बाद विवि की परीक्षाएं स्थगित कर दी गई थी। अब ये परीक्षाएं 9 जुलाई से शुरू होगी। सबसे पहले स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष और उसके बाद स्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षा होगी। इस दौरान विवि ने एडमिशन बोर्ड की बैठक करके 22 जून से स्नातक प्रथम वर्ष, द्वितीय वर्ष और स्नातकोत्तर पूर्वाद्र्ध के छात्रों को उनकी अगली कक्षा में प्रमोट करने और प्रोविजनल प्रवेश देने का निर्णय किया यानी प्रथम वर्ष के विद्यार्थी द्वितीय वर्ष और द्वितीय वर्ष के विद्यार्थी तृतीय वर्ष के लिए आवेदन कर सकते हैं। इनकी परीक्षाएं अगस्त में होनी है। फेल होने पर छात्र का प्रवेश रद्द और प्रवेश शुल्क भी वापस लौटा दिया जाएगा। छात्र छात्राओं का कहना है कि प्रोविजनल प्रवेश के बाद जब पढ़ाई शुरू ही नहीं होगी तो प्रवेश प्रक्रिया का क्या अर्थ रह जाता है।

नाममात्र प्रवेश शुल्क पर करें प्रमोट
छात्रसंघ अध्यक्ष रविंद्र सिंह भाटी सहित अन्य छात्र नेताओं ने राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। भाटी का कहना है कि प्रोविजनल प्रमोट तक तो ठीक है लेकिन अचानक ही विद्यार्थियों से फीस मांगी जा रही है। ग्रामीण क्षेत्र के कई विद्यार्थियों की आर्थिक स्थिति कोराना संकट के कारण गड़बड़ा गई है। उन्होंने विद्यार्थियों को नाम मात्र के शुल्क पर प्रवेश देने की मांग उठाई।

Published on:
23 Jun 2020 10:42 am