जोधपुर

PTET Exam: पहली बार कलेक्टर ने ली पीटीईटी परीक्षा की जिम्मेदारी, ये है वजह

PTET Exam:सुबह 8 बजे से अपराह्न 3 बजे तक नेटबंदी की सिफारिश - सरकार करेगी निर्णय- कॉलेज प्रिंसिपल को छोडक़र इस बाद सभी 33 जिला परिषद के सीईओ को बनाया जिला पर्ववेक्षक- प्रदेश में 1558 परीक्षा केेंद्र, 5.44 लाख बैठेेंगे
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Jul 02, 2022
PTET Exam: पहली बार कलेक्टर ने ली पीटीईटी परीक्षा की जिम्मेदारी, ये है वजह
PTET Exam: पहली बार कलेक्टर ने ली पीटीईटी परीक्षा की जिम्मेदारी, ये है वजह

PTET Exam: जोधपुर. प्रदेश के करीब 1400 बीएड कॉलेजों में दो वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम और चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएससी बीएड व बीए बीएड पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए प्री टीचर एजुकेशन टेस्ट (पीटीईटी-2022) का आयोजन रविवार सुबह 11.30 बजे से दोपहर 2.30 बजे तक किया जाएगा। परीक्षार्थी अपने जिले में ही परीक्षा दे सकेंगे। सुबह 11.20 बजे बाद परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। नकल की रोकथाम के लिए विवि ने सुबह 8 बजे से अपराह्न 3 बजे तक नेटबंदी की सिफारिश की है, जिस पर सरकार शनिवार को निर्णय करेगी। वैसे इस साल अब तक किसी भी परीक्षा में नेटबंदी नहीं हुई है।


परीक्षा आयोजक जोधपुर के जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय ने नकल की रोकथाम व पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के लिए इस बार यूपीएससी की तर्ज पर सरकार से सहयोग लिया है। सभी 33 जिला कलक्टर् की अध्यक्षता में गठित जिला परीक्षा समिति परीक्षा करवाएगी। कॉलेज प्रिंसिपल के स्थान पर समस्त 33 जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को जिला पर्यवेक्षक बनाया गया है।


रिटायर्ड व्यक्ति ड्यूटी से दूर
प्रश्न पत्र जिला कोषागार में रखे गए हैं, जहां कलक्टर की ओर से गठित समिति ही परीक्षा केंद्र पर प्रश्न पत्र पहुंचाने और वापस लाने का जिम्मा संभालेगी। रिटायर्ड व्यक्ति ड्यूटी से दूर रहेंगे। परीक्षा केंद्र पर केवल केंद्राधीक्षक और केंद्र पर्यवेक्षक को ही मोबाइल की अनुमति होगी। सभी 33 जिलों में विवि ने एक-एक शिक्षकों को अपने प्रतिनिधि के तौर पर भेजा है।


एक सीट के लिए चार में मुकाबला
- 1558 परीक्षा केंद्र
- 5,44337 अभ्यर्थी बैठेंगे
- 379521 अभ्यर्थी 2 वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम के
- 164816 अभ्यर्थी 4 वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम के
- 1400 बीएड कॉलेज है प्रदेश में
- 1.40 लाख सीटें हैं बीएड की


मास्क जरूरी नहीं
परीक्षार्थियों को परीक्षा से एक घंटे पहले सुबह 10.30 बजे से रिपोर्ट करना होगा। सुबह 11.20 बजे के बाद प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परीक्षा केंद्र पर मास्क जरुरी नहीं है। इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस व घड़ी पर पाबंदी, हाफ आस्तीन के शर्ट, जूतों पर पाबंदी जैसी शर्तें अन्य परीक्षाओं के समान ही है। प्रवेश पत्र के साथ परीक्षार्थियों के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं।


सर्वाधिक परीक्षा केंद्र जयपुर में
सह समन्वयक प्रो. प्रवीण गहलोत ने बताया कि परीक्षा के लिए अजमेर में 54, भीलवाड़ा में 32, नागौर में 37, टोंक में 47, भरतपुर में 75, सवाई माधोपुर में 46, धौलपुर में 24, करौली में 46, बीकानेर में 51, चूरू में 46, श्रीगंगानगर में 26, हनुमानगढ़ में 45, अलवर में 80, जयपुर में 166, झुंझुनूं में 41, सीकर में 82, दौसा में 66, बाड़मेर में 69, जैसलमेर में 11, जालोर में 39, जोधपुर में 88, पाली में 21,सिरोही में 20, बूंदी मेें 28, झालावाड़ा में 30, कोटा में 57, बारां में 34, बांसवाड़ा में 46, चितौड़गढ़ में 17, डूंगरपुर में 44,उदयपुर में 51, राजसमंद में 15 तथा प्रतापगढ़ में 24 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं ।


परीक्षा की पूरी तैयारी कर ली गई है। पहली बार परीक्षा करवाने का जिम्मा जिला प्रशासन को सौंपा गया है, ताकि कहीं चूक नहीं हो।
- प्रो. एसपीएस भादू, परीक्षा समन्वयक, पीटीईटी

Published on:
02 Jul 2022 02:45 pm