जोधपुर

एम्स जोधपुर में 74 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया पर सवाल

-आवेदकों ने एम्स प्रशासन पर खड़े किए सवाल-निर्धारित अवधि निकलने के बाद भी स्थगित नहीं की भर्ती प्रक्रिया

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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स जोधपुर

बासनी (जोधपुर).
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स जोधपुर में विभिन्न पदों को लेकर गुरुवार को हो रही भर्ती परीक्षा पर संदेह के बादल मंडरा रहे हैं। भर्ती से वंचित रहे आवेदकों ने भर्ती प्रक्रिया की परीक्षा आयोजन पर सवाल खड़ा करते हुए एम्स प्रशासन को शिकायत की है।


शिकायत में आरोप है कि एम्स प्रशासन की ओर से नए आवेदकों की भर्ती प्रक्रिया में नियमों को दरकिनार कर परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। इससे हजारों उन आवेदकों को निराश होना पड़ रहा है जिनके आवेदन वर्ष 2017 में निकाली गई भर्ती प्रक्रिया में अनुभव की कमी के चलते खारिज हो गए थे। सूत्रों की मानें तो एम्स प्रशासन की कथित मिलीभगत के चलते वर्ष 2017 की भर्ती प्रक्रिया को स्थगित करने के बजाय परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है।

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जानकारों की मानें तो एम्स प्रशासन अगर निर्धारित 6 महिनों की अवधि में भर्ती प्रकिया को पूर्ण नहीं कर पाने की स्थिति में अगर प्रक्रिया को स्थगित करता तो इससे हजारों वो बेरोजगार विभिन्न पदों के लिए आवेदन कर सकते थे जिनका आवेदन अनुभव की कमी के चलते नहीं हो पाया था। ऐसे में एम्स प्रशासन की इस लापरवाही से हजारों बेरोजगारों को आवेदन करने का मौका ही नहीं मिला।

वर्ष 2017 में अनुभव के आधार पर आवेदन खारिज हो चुके भाकरराम विश्नोई, महेश दास वैष्णव, त्रिलोक ने एम्स प्रशासन को शिकायत कर भर्ती स्थगित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि भर्ती में देरी की है तो उन्हें भी वर्तमान अनुभव के आधार पर मौका मिलना चाहिए।

इन पदों के लिए परीक्षा
गौरतलब है कि एम्स प्रशासन ने 16 मार्च 2017 को अपनी वेबसाइट पर नोटिफिकेशन जारी कर एंटीमेंटल मेडिकल ऑफिसर, साइक्रोटिक सोशल वर्कर, वरिष्ठ हिंदी अधिकारी, कनिष्ठ हिंदी अनुवादक, मैनेजर, मेनीफोल्ड तकनीशियन, आहार विशेषज्ञ, चिकित्सा समाज सेवा अधिकारी गे्रड-1, लाइब्रेरियन ग्रेड-3, सेनेटरी इंस्पेक्टर ग्रेड-2, सीएसएसडी तकनीशियन, असिस्टेंट लांड्री सुपरवाइजर के कुल 74 पदों पर आवेदन मांगे थे। जिनकी परीक्षा का आयोजन गुरुवार को हुआ था।

बड़ा सवाल : प्रक्रिया स्थगित क्यों नहीं की?
एम्स प्रशासन की इस भर्ती के पीछे वंचित आवेदकों का बड़ा सवाल यह है कि आखिर एम्स प्रशासन ने निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद भी भर्ती प्रक्रिया स्थगित नहीं की। जबकि भर्ती प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन में स्पष्ट उल्लेख है कि 6 महिनों की अवधि में प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो पाने की स्थिति में नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया को शुरु किया जाना चाहिए, लेकिन एम्स प्रशासन ने इस मामले में ऐसा नहीं किया। जिससे भर्ती प्रक्रिया पर संदेह खड़ा होने लगा है।
इनका कहना है
गाइडलाइन के अनुसार आवेदन आमंत्रित करने से 6 माह की अवधि तक में भर्ती प्रक्रिया पूर्ण करना है, लेकिन नया इंस्टीट्यूट होने के चलते 6 माह में भर्ती प्रक्रिया पूर्ण नहीं कर सके। परीक्षा में वो ही अभ्यर्थी भाग ले सकते हैं, जिन्होंने पिछले वर्ष आवेदन किया था।
-एनआर विश्नोई, डिप्टी डायरेक्टर एम्स, जोधपुर

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Updated on:
28 Jun 2018 10:09 pm
Published on:
28 Jun 2018 10:02 pm
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