
जोधपुर. चीन और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के बीच भारतीय वायुसेना नए साल में पश्चिमी मोर्चे पर अपनी ताकत दिखाएगी। मौका होगा फ्रांस की वायुसेना के साथ संयुक्त युद्धाभ्यास ‘स्काईरोज’ का। जोधपुर में जनवरी के तीसरे सप्ताह में होने वाले नए साल के इस पहले युद्धाभ्यास में फ्रांस के रफाल और भारत के सुखोई विमान अपनी क्षमता दिखाएंगे।
प्रतिरक्षा सूत्रों के अनुसार वैसे तो भारत और फ्रांस की वायुसेनाएं युद्धाभ्यास ‘गरूड़’ में एक दूसरे के यहां शामिल होती हैं। जुलाई 2019 में इस युद्धाभ्यास में शामिल होने सुखोई-30 विमान फ्रांस गए थे, लेकिन जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर नए साल में होने वाला ‘स्काईरोज’ इससे अलग होगा। इसमें शामिल होने के लिए फ्रांस की वायुसेना के रफाल विमान जोधपुर आएंगे। यहां भारतीय वायुसेना की ताकत बन चुके सुखोई विमानों के साथ फ्रांस के रफाल युद्धाभ्यास करेंगे। साथ ही चार महीने पहले भारतीय वायुसेना में शामिल हुए रफाल भी पहली बार युद्धाभ्यास में शामिल होंगे।
कोरोनाकाल में पहला युद्धाभ्यास
मार्च में कोरोना लॉकडाउन होने के बाद जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर यह पहला युद्धाभ्यास है। गौरतलब है कि भारत ने फ्रांस के साथ 36 रफाल विमान खरीदने का सौदा किया है। इनमें से पांच रफाल विमान अगस्त 2020 में अंबाला एयरबेस पहुंचे थे। रफाल की एक स्क्वाड्रन अंबाला और दूसरी पश्चिमी बंगाल के हाशिमारा में तैनात की जा रही है।
2014 में सबसे पहले जोधपुर ही आए थे रफाल
फ्रांस से रफाल विमान परीक्षण के लिए जुलाई 2014 में सबसे पहले जोधपुर ही आए थे। उस समय रफाल विमानों ने भारतीय व फ्रांसीसी वायुसेना के युद्धाभ्यास गरूड़ में भाग लिया था। दोनों वायुसेनाएं एक दशक से ज्यादा समय से गरूड़ युद्धाभ्यास करती रही हैं। एक बार अभ्यास भारत में होता है और अगली बार फ्रांस में।