
जोधपुर. एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज के इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के विद्यार्थियों के लिए अब तक भारतीय रेलवे लकी साबित हुआ है। विभाग से पासआउट कई छात्र-छात्राएं रेलवे में सेवा दे रहे हैं और अब विभाग के 1991 बैच के गोल्ड
वैष्णव के क्लासमेट राजू भूतड़ा रेलवे राजस्व सेवा के अधिकारी हैं। राजू जोधपुर में सीनियर डीसीएम के पद पर रह चुके हैं और वर्तमान में गुजरात में पदस्थ है। विभाग के 1978 बैच के गोल्ड मैडलिस्ट अरुण सक्सेना रेलवे बोर्ड में सदस्य रहे हैं। वर्ष 1977 बैच के गोल्ड मेडलिस्ट महेश मंगल रेलवे डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन के निदेशक पद पर सेवाएं दे चुके हैं।
जब मेरी नौकरी लगी तब अश्विनी ने एडमिशन लिया
इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के वर्तमान में विभागाध्यक्ष प्रो राजेश भदादा ने बताया कि उन्होंने 1987 में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर कॉलेज में नौकरी ज्वाइन की थी। उसी साल अश्विनी ने कॉलेज में प्रवेश लिया था। प्रोफेसर भदादा बताते हैं कि अश्विनी पढ़ाई में अव्वल थे। एक बार माइक्रोप्रोसेसर के असाइनमेंट में टूल व पार्ट नहीं होने के बावजूद उन्होंने रात-दिन लग कर प्रोजेक्ट पूरा कर दिया था जो उस समय इंटरनेट जैसी हाईटेक सुविधाएं नहीं होने से काफी कठिन था।
3 आइएएस, 1 आइपीएस
विभाग अभी तक 3 आईएएस और 1 आईपीएस निकाल चुका है। वर्ष 1979 बैच के टॉपर अशोक जैन प्रदेश के मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। वर्ष 1987 बैच के टॉपर दीपक अग्रवाल तमिलनाडु कैडर के आईएएस रहे हैं। अश्विनी वैष्णव राजनीति में आने से पहले उड़ीसा कैडर के आईएएस थे। वर्ष 1982 बैच के टॉपर पृथ्वी सिंह पुरोहित असम कैडर के आईपीएस है।