
अमित दवे/जोधपुर. भारतीय रेल सिस्टम से नहीं बल्कि रेलमंत्री और रेलवे अधिकारियों की मनमर्जी से चलती है। ट्रेनों के स्टेशनों पर ठहराव को लेकर तय नीति सिर्फ उन्हीं स्टेशनों पर लागू की जा रही है जहां रेलमंत्री ट्रेन ठहराव नहीं देना चाहते। जो सांसद रेलमंत्री को प्रिय हैं उनके लिए ढाणियों में भी सुपरफ ास्ट ट्रेन का ठहराव दिया जा रहा है। वहां पर रेलवे की ठहराव नीति को याद भी नहीं किया जाता। भले उस स्टेशन से यात्री मिले या ना मिले।
इसका ज्वलंत उदाहरण है जोधपुर रेल मण्डल का पडि़हारा रेलवे स्टेशन। चुरू लोकसभा क्षेत्र में आने वाले इस स्टेशन पर सांसद अनुशंसा पर रेलमंत्री ने गत 9 फ रवरी को गाड़ी संख्या 22421/22 सालासर एक्सप्रेस का छह माह के लिए प्रायोगिक ठहराव दिया। इस ठहराव को एक महिने बाद ही आगामी आदेश तक बढ़ा दिया। आरटीआइ कार्यकर्ता दीनदयाल बंग ने आरटीआइ में पडि़हारा स्टेशन पर सालासर एक्सप्रेस के प्रायोगिक ठहराव के छह माह के आंकड़े प्राप्त किए हैं। इनके अनुसार इस ट्रेन से 204 दिनों में 2879 यात्रियों ने यात्रा की।
इससे रेलवे को 3,11,985 रुपए की आय अर्जित हुइ। रेलवे को प्रतिदिन अप/डाउन सिर्फ 765-765 रुपए आय अर्जित हुई व इस ट्रेन से प्रतिदिन अप/डाउन सिर्फ 7- 7 यात्री मिले। गोटन व रेण एनएसजी 5 श्रेणी के स्टेशन है। इससे पूर्व मण्डल के खुनखुना स्टेशन पर भी 26 जनवरी 2017 को इस ट्रेन का छह माह के लिए प्रायोगिक ठहराव दिया था। इन छह माह में भी रेलवे को आय व यात्रियों के लिहाज से निराशा हाथ लगी थी। इस गाड़ी से खुनखुना स्टेशन से छह माह में अप/डाउन 20-20 यात्रियों ने यात्रा की जिससे 1500-1500 रुपए की अप/डाउन आय अर्जित हुई थी ।
पूर्व सांसद की एक नहीं सुनी
सालासर एक्सप्रेस ट्रेन के मण्डल के गोटन व रेण स्टेशन पर ठहराव के लिए राजसमंद के पूर्व सांसद हरिओमसिंह राठौड़ ने रेलमंत्री को पांच बार पत्र भेजा, रेलमंत्री से मुलाकात भी की लेकिन रेलमंत्री ने इस ट्रेन का ठहराव गोटन व रेण स्टेशन पर नहीं दिया। वर्तमान सांसद दियाकुमारी ने भी कुछ माह पहले रेलमंत्री से मुलाकात कर सालासर एक्सप्रेस ट्रेन का गोटन व रेण स्टेशन पर ठहराव मांगा, संसद में भी मुद्दा उठाया लेकिन रेलमंत्री ने एक नहीं सुनी। उत्तर पश्चिम रेलवे के अधिकारियों ने इस ट्रेन के दोनों स्टेशनों पर ठहराव के सांसदों के आग्रह के जवाब में नियमों का हवाला देकर मना कर दिया। सालासर एक्सप्रेस ट्रेन गोटन व रेण को छोडकऱ सभी एनएसजी 5 श्रेणी के स्टेशनों पर ठहराव करती है व पडि़हारा जैसे एनएसजी 6 श्रेणी के अनेक स्टेशनों पर यह गाड़ी ठहराव करती है।
152 किमी में सिर्फ एक जगह ठहराव
सालासर एक्सप्रेस ट्रेन डेगाना- रतनगढ़ 152 किमी के मध्य 19-19 किमी पर ठहराव करती है जबकि यह ट्रेन जोधपुर से डेगाना 148 किमी में सिर्फ एक जगह ही ठहराव करती है ।
आंकड़ों से देखें पडि़हारा स्टेशन का यात्री भार व आय
क्रम ------गाड़ी संख्या 22421 --------- गाड़ी संख्या 22422
माह/वर्ष -- यात्री भार-- आय ----------- यात्री भार--- आय
फरवरी 2019- 298-19565-- 151-- 14880
मार्च 2019- 265- 27475-- 281- 35885
अप्रेल 2019- 234- 30200-- 200-24125
मई 2019- 198- 21030-- 180-20450
जून 2019- 195- 24250-- 148-17000
जुलाई 2019- 219- 21755-- 128- 14755
अगस्त 2019- 216- 22395-- 166- 18220
आरक्षण में हाल और भी बुरे
माह/ वर्ष----- आरक्षित यात्री---- आय (रुपए )
फरवरी 2019-- 25-- 7321
मार्च 2019-- 74-- 24657
अप्रेल 2019-- 43-- 18587
मई 2019--38--11729
जून 2019-- 56-- 24827
जुलाई 2019--51-- 16745